Phensedyl Cough Syrup Case: विभोर राणा और विशाल सिंह की जमानत खारिज, फेन्सिडिल कफ सिरप मामले में पहले हाईकोर्ट ने दी थी अंतरिम जमानत
लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने फेन्सिडिल कफ सिरप मामले में दो अभियुक्तों विभोर राणा व विशाल सिंह की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। न्यायालय ने दोनों को 18 दिसंबर को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद दोनों अभियुक्तों को आत्म समर्पण करना होगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने विभोर राणा और विशाल सिंह की ओर से पृथक-पृथक दाखिल जमानत याचिकाओं पर पारित किया है। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने जमानत का विरोध किया। अभियोजन के अनुसार कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि फेंसेडिल कफ सिरप और अन्य दवाओं को नशे के लिए प्रयोग करने के लिए इसका अवैध भंडारण किया जा रहा है और अवैध तरीके से इसे बिहार,खरखंड,पश्चिम बंगाल, असम और बांग्लादेश भेजा जा रहा है। इस पर शासन ने 12 फरवरी 2024 को एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया।
बताया गया 8 अप्रैल 2024 को एसटीएफ को जानकारी मिली की एक ट्रक में ट्रांसपोर्ट नगर से भारी मात्र में कफ सिरप लोड करके कूच बिहार पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा है,इस पर एसटीएफ की टीम ने सुल्तानपुर रोड पर उस ट्रक को पकड़ लिया और 52 गत्ते कफ सिरप बरामद किया था। ट्रक से पकड़े गए चालक धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ की गई तो एसटीएफ को पता चला कि पूरे मामले में विभोर राणा और विशाल सिंह की संलिप्तता है। इस पर एसटीएफ ने 11 नवंबर 2025 को सहारनपुर से विभोर राणा और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था।
