क्रूड ऑयल 100 डॉलर पार, मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच पहली बार दामों में उछाल
शिकागो। ईरान युद्ध तेज होने के बीच तेल के दाम 2022 के बाद से पहली बार 114 डॉलर प्रति बैरल हो गए। अंतरराष्ट्रीय मानक वाले ब्रेंट कच्चे तेल का दाम 114 डॉलर प्रति बैरल हो गया है जो शुक्रवार की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है। शुक्रवार को तेल का दाम 92.69 डॉलर प्रति बैरल था। ईरान युद्ध के दूसरे हफ्ते भी जारी रहने से कई देश और स्थान उसकी अपनी चपेट में आ गये हैं, जिसके कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। फारस की खाड़ी में ये वे देश एवं स्थान हैं जो तेल व गैस के उत्पादन तथा परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कच्चे तेल में उछाल से पेट्रोलियम कंपनियों के शेयरों में आई बड़ी गिरावट
पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के साथ कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के बीच सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) का शेयर शुरुआती कारोबार में 8.67 प्रतिशत टूट गया। इसी तरह, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के शेयर में 8.43 प्रतिशत और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के शेयर में 7.29 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
सार्वजनिक क्षेत्र की इन तीनों कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट की वजह पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी रही। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 24.71 प्रतिशत उछलकर 112.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। इसके साथ पेंट क्षेत्र के शेयरों में भी गिरावट देखी गई।
एशियन पेंट्स का शेयर 5.12 प्रतिशत गिरा, जबकि इंडिगो पेंट्स 4.83 प्रतिशत, बर्जर पेंट्स 4.80 प्रतिशत और कंसाई नेरोलैक पेंट्स 4.72 प्रतिशत टूट गए। ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई और भारत के बढ़ते आयात बिल को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
