वर्ड स्मिथ: एक मजाक से हुई थी  ‘OK’ की शुरुआत

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Published By Anjali Singh
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‘OK’ सिर्फ दो अक्षरों का यह छोटा-सा शब्द आज पूरी दुनिया की साझा भाषा बन चुका है। चाहे आप किसी अनजान देश में हों या अलग भाषा बोलने वाले लोगों के बीच, ‘OK’ हर जगह समझा जाता है। इसकी शुरुआत जितनी साधारण दिखती है, उतनी ही दिलचस्प भी है।

दरअसल, साल 1839 में अमेरिका के अखबारों में एक अनोखा ट्रेंड चल रहा था। शब्दों को जानबूझकर गलत लिखना और उन्हें छोटा करके पेश करना। इसी मजाकिया अंदाज में ‘all correct’ को ‘oll korrect’ लिखा गया और इसका संक्षिप्त रूप बना ‘O.K.’। धीरे-धीरे यह मजाक लोगों की जुबान पर चढ़ गया। 

फिर आया 1840 का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, जिसने ‘OK’ को नई पहचान दी। उम्मीदवार मार्टिन वैन ब्यूरन के समर्थकों ने “OK Club” बनाकर इसे प्रचार का नारा बना दिया- “We’re OK!”। यहीं से यह शब्द आम लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया। ‘OK’ की उत्पत्ति को लेकर कई और सिद्धांत सामने आए। कुछ लोगों ने इसे चॉकटॉ जनजाति के शब्द “okeh” से जोड़ा।

यहां तक कि अमेरिका के राष्ट्रपति वुडरो विल्सन भी “OK” की जगह “okeh” लिखते थे। भाषा वैज्ञानिकों ने शोध के आधार पर यह साफ कर दिया कि ‘OK’ की असली जड़ें ‘oll korrect’ से ही जुड़ी हैं। समय के साथ ‘OK’ ने भाषाओं की सीमाएं तोड़ दीं और आज यह सहमति, संतोष और सामान्य प्रतिक्रिया का प्रतीक बन गया है। मजाक से जन्मा यह शब्द अब वैश्विक संवाद का सबसे आसान माध्यम बन चुका है।