लखनऊ में 550 शिक्षकों का चयन वेतनमान अटका: अधिकारियों की लापरवाही से बढ़ा आक्रोश, आंदोलन की तैयारी
लखनऊ, अमृत विचार : शिक्षकों के लिए चयन वेतनमान पाना टेढ़ी खीर बन गया है। पिछले छह माह से लगातार प्रयास के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब इस मुद्दे को लेकर शिक्षक आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। उल्लेखनीय है कि 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर चयन वेतनमान दिया जाता है। सितंबर-अक्टूबर में कई शिक्षकों ने अपनी 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली थी, लेकिन अब तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिला है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में चयन वेतनमान की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और वहां एरियर भुगतान भी शुरू हो गया है, जबकि लखनऊ में मामला अटका हुआ है। शिक्षकों का आरोप है कि वित्त व लेखाधिकारी स्तर पर लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी हुई है।
शिक्षकों के अनुसार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश स्वीकृत होने के बाद भी वित्त व लेखाधिकारी स्तर पर फाइलों पर काम नहीं हो रहा है। पिछले तीन माह से फाइलें लंबित पड़ी हैं और बार-बार आपत्तियां लगाकर प्रक्रिया को टाला जा रहा है। कई फाइलों की आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद भी लाभ नहीं दिया जा रहा, जिससे शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
लखनऊ में अटका 550 शिक्षकों का चयन वेतन
लखनऊ जिले में करीब 550 शिक्षकों का चयन वेतनमान लंबित है। इससे नाराज शिक्षक संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है और सिटीजन चार्टर लागू करने की मांग उठाई है। वित्त व लेखाधिकारी की कार्यशैली को लेकर जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ और प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए जल्द समाधान न होने पर आंदोलन शुरू करने की बात कही है।
