वाराणसी : मां श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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Published By Deepak Mishra
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वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी काशी में चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन मां श्रृंगार गौरी की आराधना को समर्पित है। इस पावन अवसर पर काशीवासी तथा देश-विदेश से आए श्रद्धालु परंपरागत रूप से मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित होते हैं। 

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि मां श्रृंगार गौरी का स्थान ज्ञानवापी परिसर की पश्चिमी दीवार पर स्थित है। वर्ष में केवल इस एक दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस के रूप में यहां पहुंचते हैं। जुलूस का पूरा मार्ग निर्धारित है, जिसमें भक्त पहले गणपति के दर्शन करते हैं और फिर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। 

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 से न्यास ने इस पूजन की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है। श्रद्धालुओं को नारियल, चुनरी, फलाहारी हलवा (प्रसाद), डमरू आदि की व्यवस्था न्यास की ओर से की जा रही है। इसके अलावा, अंदर फोटोग्राफी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसी प्रकार का विवाद या अतिरिक्त मांग से कोई असुविधा न हो। 

विश्व भूषण मिश्र ने कहा कि यह परंपरा 40 वर्षों से अधिक पुरानी है, इसलिए इसे परंपरा के रूप में स्वीकार किया जाता है और इसमें कोई विवादास्पद पहलू नहीं है। यह सुगमतापूर्वक संचालित हो रही है तथा न्यास पूरे सहयोग से इसे संपन्न करा रहा है। 

उन्होंने बताया कि दक्षिणमुखी हनुमान जी के पास हनुमान चालीसा पाठ की व्यवस्था के लिए न्यास ने भव्य पंडाल सजाया है, जिसमें राम दरबार स्थापित किया गया है। यहां हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है तथा सुंदरकांड पाठ के लिए पूर्ण व्यवस्था की गई है। अर्चकों द्वारा दिन भर सुंदरकांड का नियमित पाठ चल रहा है।

श्रद्धालु भी यहां बैठकर हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ कर सकते हैं। उनके लिए बैठने, पेयजल तथा अन्य सभी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास भगवान विश्वनाथ के प्रति श्रद्धा रखने वाले सभी श्रद्धालुओं का सत्कार करने के लिए सदैव तत्पर एवं दृढ़ संकल्पित है। यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता तथा परंपराओं के संरक्षण का जीवंत प्रतीक है।

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