मायावती का विपक्षी दलों पर तीखा हमला, कहा- ये पार्टियां चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करती हैं, लेकिन...

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने राजनीतिक दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये पार्टियां चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करती हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें भूल जाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटकर राजनीति करते हैं, जबकि बसपा सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों पर काम करती है। 

रविवार को मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में इन राज्यों में पार्टी की स्थिति, संगठन विस्तार, जनाधार बढ़ाने और चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। 

मायावती ने कहा कि बीएसपी "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" की विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है, जिसका लक्ष्य समाज के सभी वर्गों दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक को समान सम्मान और अधिकार दिलाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव जाकर पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को लोगों तक पहुंचाएं तथा अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर संगठन को मजबूत करें।

बैठक में मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ में बढ़ती जातीय घटनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई। मायावती ने कहा कि इन राज्यों में खासकर दलित और आदिवासी समाज के साथ हो रहे अत्याचार गंभीर मुद्दा हैं और सरकारों को इस पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कानून-व्यवस्था बेहतर थी और सभी वर्गों को सुरक्षा व सम्मान मिला था। 

उन्होंने दावा किया कि बीएसपी ही एकमात्र पार्टी है जो अपने वादों को जमीन पर लागू करती है। मायावती ने कार्यकर्ताओं से आगामी कार्यक्रमों कांशीराम जयंती, डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती और पार्टी स्थापना दिवस को मिशनरी भावना से मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती, जमीनी स्तर पर सक्रियता और जनता के बीच निरंतर संपर्क ही चुनावी सफलता की कुंजी है। 

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