बांदा में रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल होने पर बड़ी कार्रवाई, सिपाही निलंबित
बांदा। उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के फतेहगंज थाना क्षेत्र में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल को 500 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रविवार को निलंबित कर दिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि फतेहगंज थाना क्षेत्र में तैनात कांस्टेबल वीर सिंह से जुड़ा एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसमें वह एक व्यक्ति से 500 रुपये लेते हुए दिखाई दे रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच अतर्रा क्षेत्राधिकारी से कराई। जांच के दौरान वीडियो और अन्य तथ्यों की विस्तृत पड़ताल की गई, जिसमें कांस्टेबल वीर सिंह के विरुद्ध लगाए गए आरोप सही पाए गए।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर कांस्टेबल वीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। यदि आगे भी कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बांदा में जाली रजिस्ट्री कराने वाले चार इनामी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के मटौन्ध थाना क्षेत्र में पुलिस ने पिछले 24 घंटे के भीतर 34 बीघा भूमि की जाली रजिस्ट्री कराने वाले 10-10 हजार रुपये के चार इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के खुटला मोहल्ला निवासी देविया की 34 बीघा भूमि की जाली रजिस्ट्री कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कराई गई थी।
सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारम्भ की। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और उनकी तलाश शुरू की गई। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया और शनिवार को मटौन्ध थाना क्षेत्र के इटवा गांव निवासी केदार तथा कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के लुकतरा गांव निवासी दिलीप को गोयरा मुगली चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार इसी क्रम में रविवार को नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के बिजलीखेड़ा, बांदा नगर निवासी आजम खान तथा कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के जौरही गांव निवासी भगवत प्रसाद को भूरागढ़ बाइपास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि जाली रजिस्ट्री के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही कर उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
