नए नर्सिंग बैच को प्रो. विक्रम सिंह का 'मेंटॉरशिप' मंत्र, पुराने नर्सिंग अधिकारी बनें नए बैच के सारथी

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Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार : जिस तरह किसी पेड़ को उगाने के लिए बीज डालते हैं। उसे दुरुस्त रखने के लिए फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करते हैं, ठीक उसी तरह नर्सिंग अधिकारियों को नए नर्सिंग बैच साथ अपना-अपना अनुभव साझा करना चाहिए जिससे नए लोग तेजी से अनुभव का लाभ उठाते हुए आगे बढ़े। इससे वे अपने विभाग के मरीजों की बेहतर देखभाल कर पाएंगी। ये बातें राम मनोहर लोहिया संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विक्रम सिंह ने कहीं। वह गुरुवार को लोहिया संस्थान में राष्ट्रीय नर्सिंग सम्मेलन में अपनी बात रख रहे थे।

इसमें देश के निदेशक प्रो. सीएम सिंह ने कहा कि मरीजों की सेवा में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका सबसे अहम होती है। ऐसे में अनुभव साझा करने से जूनियर को बेहतर स्टाफ बनने में मदद मिलती है। भारत सरकार की नर्सिंग सलाहकार डॉ. दीपिका सी. खाका ने कहा, इस आधुनिक दौर में नर्सों की जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है। सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज में नर्सिंग स्टाफ की बड़ी भूमिका है। बदलते स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित और संवेदनशील नर्सिंग स्टाफ जरूरी हैं, ताकि मरीजों को बेहतर नतीजे मिल सकें।

चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अरविन्द कुमार सिंह ने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय सम्मेलन से संस्थान को नई पहचान मिलती है और बाहर से आए विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलता है। इस दौरान मुख्य नर्सिंग अधिकारी सुमन सिंह, कॉलेज ऑफ नर्सिंग के चेयरमैन प्रो. डीके श्रीवास्तव, नर्सिंग अधीक्षिका कामिनी कपूर ने अपने विचार रखे।

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