Bareilly : लग गए स्मार्ट मीटर, लेकिन पिछड़ गई बिजली
अभी तो शुरू हुई है गर्मी, बिजली कटौती बनने लगी मुसीबत
बरेली, अमृत विचार। भीषण गर्मी में बिजली संकट गहराता जा रहा है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए नई मुसीबत बन गए हैं। शहर के कई इलाकों में लोग 15 दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बावजूद लगातार बिजली कटौती ने आम जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। कोई अधिकारी फोन उठाने को तैयार नहीं है।
लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से समस्याएं और बढ़ गई हैं। बिल जमा करने के बाद भी कनेक्शन काट दिया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। बुजुर्गों से लेकर महिलाएं तक रोजाना बिजलीदफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैंही। सबसे गंभीर बात यह है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर अधिकारी फोन नहीं उठा रहे। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर पारदर्शिता और सुविधा के लिए लगाए गए थे, लेकिन यह व्यवस्था अब उपभोक्ताओं पर दोहरी मार बन गई है, एक तरफ बिजली कटौती और दूसरी तरफ लगातार मानसिक परेशानी। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
चाइनीज उपकरणों के उपयोग की आशंका
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि बिना सहमति के एक लाख उपभोक्ताओं को स्मार्ट प्रीपेड मोड में डाल दिया गया, जो पूरी तरह गलत है। यह उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है और इसे तुरंत पोस्टपेड में बदला जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार खुद प्रीपेड को अनिवार्य नहीं मानती तो प्रदेश में इसे जबरन क्यों लागू किया जा रहा है। इस पूरे मामले में एक और विवाद उभरा है। स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम में इस्तेमाल हो रहे उपकरणों को लेकर उपभोक्ता परिषद ने आशंका जताई है कि एमडीएम और एचईएस सिस्टम में चीनी उपकरणों का इस्तेमाल हो सकता है, जिसकी जांच जरूरी है। अगर यह आशंका सही साबित होती है तो मामला सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी का नहीं, बल्कि सुरक्षा और भरोसे का भी बन जाएगा।
पोस्टपेड मीटर लगाने की मांग पर अड़े
बाकरगंज निवासी अनवरी ने बताया कि उनका कनेक्शन उनके पिता के नाम पर है। अभी हाल ही में उनके घर पर स्मार्ट प्रिपेड मीटर लगा दिया गया। जिसमें 34 हजार रुपये का बिजली बिल आया। उसके बाद लाइट काट दी गई। आरोप है कि 3 अप्रैल से लाइट नहीं आ रही है। वह विभागों का रोजाना चक्कर काट रही हैं। मगर उनका कोई सुनने वाला नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि उनके परिजन रात को छतों पर सोने को मजबूर हैं। बच्चे इस भीषण गर्मी में बहुत ज्यादा परेशान हो रहे हैं।
15 दिनों से विभाग का काट रहे चक्कर
जंक्शन निवासी नटवर साजन ने बताया कि उनके घर की लाइट पिछले 15 दिनों से कटी हुई है। बिल जमा करने के बाद भी लाइट नहीं आ रही है।दफ्तरों में आने पर एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस में भेजा जाता है। कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि एसी कमरे में बैठे अधिकारियों को गरीब लोगों की परेशान समझ नहीं आ रही है।
एक माह से भीषण गर्मी में रहने को मजबूर
जोगीनवादा निवासी नसरीन ने बताया कि पुराना बिजली बिल जमा कर दिया गया है। बावजूद 24 मार्च को उनके घर की लाइट काट दी गई। फिर से बकाया दिखाया जाने लगा। कार्यालय पहुंच कर जानकारी लेनी चाही तो जवाब नहीं मिला। गर्मी में एक माह तक लाइट नहीं रहेगी तो मुसीबत होगी ही। खुद को जिंदा रखना ही चुनौती बन जाएगी।
बिल जमा कर गए दिल्ली, वापस आए बिजली गुल
गुलाबनगर निवासी अशोक कुमार सक्सेना ने बताया कि वह बिल जमा कर 28 मार्च को दिल्ली चले गए। अप्रैल में वापस आए तो घर की लाइट कटी हुई थी। बिल जमा करने के बाद भी लाइट नहीं आई। उन्हें रोजाना बिजली विभाग के कार्यालय का चक्कर काटना पड़ रहा है। उनके परिजन कहने लगे दोबारा दिल्ली चलो। यहां गर्मी बाद वापस आएंगे।
नए कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर अनिवार्य है। प्रीपेड मीटर में आ रही समस्याओं की शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराया जा रहा है। प्रीपेड से पोस्टपेड मीटर करने का आदेश नहीं आया है। अगर आदेश आता है तो पालन कराया जाएगा। -अंकित गंगवार, अधिशासी अभियंता।
