गैंगस्टरों के महिमामंडन पर कड़ाई .... 'Lawrence of Punjab' वेब सीरीज़ की रिलीज पर रोक, केंद्र ने दी वार्निंग
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में दायर याचिका का संज्ञान लेते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 को परामर्श जारी कर निर्देश दिया है कि वह 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' वेब सीरीज़ को अपने प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ न करे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय डिजिटल मीडिया के उपनिदेशक क्षितिज अग्रवाल दवारा शुक्रवार को जी5 को लिखे पत्र में कहा गया है कि माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में दायर याचिका अमरिंदर सिह राजा वडिंग बनाम भारत संघ एवं अन्य के संदर्भ में आपका ध्यान इस मंत्रालय द्वारा 27 अक्तूबर 2025 को जारी एडवाइजरी की ओर आकर्षित करूं।
उक्त एडवाइजरी के माध्यम से ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को सलाह दी गयी थी कि वे गैंगस्टरों और अपराधियों पर आधारित किसी भी फिल्म, वेब सीरीज़, बायोपिक या डॉक्यूमेंट्री के प्रकाशन/प्रसारण से पहले सावधानी और विवेक बरतें, विशेषकर यदि उससे हिंसा भड़कने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। श्री अग्रवाल ने कहा कि पंजाब पुलिस ने सूचित किया है कि इस कंटेंट में नाटकीय प्रस्तुतियां, वास्तविक फुटेज और कथात्मक तत्व शामिल हैं, जो संगठित अपराध और अपराधियों का महिमामंडन करते हैं।
इससे युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि यह अपराध को सामान्य या आकर्षक रूप में प्रस्तुत करता है। साथ ही, यह गैंगस्टरवाद के खिलाफ चल रहे कानून-प्रवर्तन प्रयासों को कमजोर कर सकता है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। इससे पहले, उच्च न्यायालय ने जेल परिसर से रिकॉर्ड किये गये लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू का स्वतः संज्ञान लिया था। न्यायालय ने टिप्पणी की कि ऐसा कंटेंट अपराध को बढ़ावा देता है और चल रही न्यायिक प्रक्रियाओं तथा गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
न्यायालय ने 21 दिसंबर 2023 के आदेश में संबंधित इंटरव्यू के सभी लिंक्स/वीडियो को तुरंत हटाया/ब्लॉक किया जाए। जिस चैनल पर इंटरव्यू प्रसारित हुआ है, वह उसे सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाये। भविष्य में ऐसे कंटेंट पाये जाने पर तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाये। जांच के लिए संबंधित डेटा सुरक्षित रखा जाये। सर्च इंजनों से इन कंटेंट्स को डी-इंडेक्स किया जाए। इसके अतिरिक्त, 28 जनवरी 2026 के आदेश में माननीय उच्च न्यायालय ने दोहराया कि अपराध और अपराधियों का महिमामंडन करने वाले कंटेंट की पहचान कर उसे तुरंत हटाया जाये।
उपरोक्त न्यायिक निर्देशों के मद्देनजर, पंजाब पुलिस ने आशंका जताई है कि इस डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक हो सकता है और संज्ञेय अपराधों को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए 23 अप्रैल 2026 के मंत्रालय के पत्र के तहत जी5 को इस कंटेंट को रिलीज़ न करने की सलाह दी गयी है। राजा वडिंग ने कहा कि पंजाब आज भय के माहौल में जकड़ा हुआ है, जहां हर माता-पिता मन ही मन यह प्रार्थना करता है कि उसका बच्चा सुरक्षित घर लौट आये। ऐसे समय में 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' जैसे शो केवल मनोरंजन नहीं करते, बल्कि समाज में मौजूद डर और पीड़ा का महिमामंडन करने का खतरा भी पैदा करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह राजनीति नहीं, जिम्मेदारी का सवाल है। पंजाब कांग्रेस इस लड़ाई का नेतृत्व करेगा और गैंगस्टरों का डटकर सामना करेगा। राजा वडिंग ने कहा, "मैं चुप नहीं रह सकता था, जब पंजाब के नाम को गैंगस्टर संस्कृति से जोड़ा जा रहा था। मैंने माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' सीरीज़ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की, क्योंकि यह हमारे युवाओं, हमारी पहचान और पंजाब की आत्मा से जुड़ा मुद्दा है। अब इस कंटेंट की रिलीज़ रोक दी गई है। पंजाब गैंगस्टर संस्कृति नहीं है-पंजाब साहस, मेहनत और आत्मसम्मान की पहचान है।"
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि स्पेशल डीजीपी साइबर क्राइम ने 22 अप्रैल 2026 को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के समक्ष मामला उठाते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 के तहत इस कंटेंट के प्रसारण पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। पंजाब पुलिस ने राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' वेब सीरीज़ के प्रसारण पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी।
डीजीपी ने केंद्र सरकार और मंत्रालय के त्वरित हस्तक्षेप के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम जिम्मेदार कंटेंट प्रसारण सुनिश्चित करने और राज्य के सामाजिक ताने-बाने की रक्षा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे किसी भी कंटेंट पर नजर रखी जाएगी, जो सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनका जरूरी ध्यान 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' नामक एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली वेब सीरीज़ की ओर आकर्षित किया था, जो कुख्यात और खतरनाक अपराधी/गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर आधारित है।
इसके अलावा उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भी जनहित याचिका दायर कर वैब सीरीज पर रोक लगाने की मांग की थी। राजा वड़िंग ने प्रधानमंत्री को लिखा कि यह फिल्म/सीरीज़ ऐसे व्यक्ति का महिमामंडन करने की कोशिश करती है, जो लोकप्रिय पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की निर्मम हत्या सहित कई जघन्य अपराधों में शामिल रहा है।
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