UP में एक मई से होगा गन्ने की फसल का जीपीएस सर्वेक्षण, किसानों को एसएमएस से मिलेगी सूचना

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी कर दी है जिसके तहत प्रदेशभर में गन्ने की फसल का ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) आधारित सर्वेक्षण एक मई से कराया जाएगा। आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी। विभाग के अनुसार सर्वेक्षण से तीन दिन पहले सभी पंजीकृत गन्ना किसानों को फोन पर एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जाएगी। 

बयान में कहा गया, ''हर सर्वेक्षण टीम में एक राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक और एक चीनी मिल कर्मचारी शामिल होगा। सर्वेक्षण से पहले दोनों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सर्वेक्षण के समय खेत पर किसान की मौजूदगी अनिवार्य होगी। टीम मौके पर पहुंचकर जीपीएस के जरिए खेत का रकबा, गन्ने की किस्म और अनुमानित उत्पादन का डेटा सीधे विभाग के सर्वर पर दर्ज करेगी।''

गन्ना एवं चीनी आयुक्त वीना कुमारी मीणा ने बताया कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद खेत का क्षेत्रफल और गन्ने की किस्म समेत पूरी जानकारी किसानों को एसएमएस से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा, ''किसान अपनी सर्वेक्षित भूमि का सत्यापन राजस्व विभाग की वेबसाइट पर भी कर सकेंगे। चीनी मिल अंतिम आंकड़े विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कर अपनी वेबसाइट पर भी प्रदर्शित करेंगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।'' 

बयान में कहा गया, ''सर्वेक्षण के दौरान नए गन्ना किसानों का पंजीकरण भी किया जाएगा। जीपीएस सर्वेक्षण से डेटा में हेराफेरी रुकेगी, सही उत्पादन का आकलन होगा और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।'' इसमें कहा गया है कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सर्वेक्षण पूरी पारदर्शिता और सटीकता से किया जाए। यह सर्वेक्षण 30 जून 2026 तक चलेगा।  

संबंधित समाचार