एशियन U-20 में इतिहास रचने वाली तहुरा खातून का बड़ा लक्ष्य, अब वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक गोल्ड पर नजर

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारतीय धाविका तहुरा खातून ने कहा- अब पूरा फोकस वर्ल्ड U-20 चैंपियनशिप और भविष्य में ओलंपिक स्वर्ण जीतने पर है।

कोलकाता। एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ऐतिहासिक सफलता हासिल करने वाली पश्चिम बंगाल की युवा एथलीट तहुरा खातून ने अब अपना अगला लक्ष्य स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी महत्वाकांक्षा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है, लेकिन फिलहाल उनका पूरा ध्यान अमेरिका के ओरेगन में होने वाली विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप पर केंद्रित है।

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से बातचीत में तहुरा ने कहा कि वह विश्व चैंपियनशिप की मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले स्पर्धा में हिस्सा लेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि पूरी टीम सामूहिक प्रदर्शन के दम पर पदक जीतने का प्रयास करेगी और वह भी देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देंगी।

तहुरा खातून फिलहाल SAI ईस्टर्न सेंटर में मुख्य कोच संजय घोष और सहायक कोच जसपाल सिंह पन्नू के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने हाल ही में एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की महिला 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। इसी उपलब्धि के आधार पर उन्होंने विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई किया।

युवा धाविका ने कहा कि एशियन चैंपियनशिप में मिली सफलता के बाद उनसे लोगों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतने के साथ नया मीट रिकॉर्ड बनाया है और अब उसी लय को विश्व प्रतियोगिता में भी कायम रखना चाहती हैं।

तहुरा ने अपनी सफलता का श्रेय SAI और अपने कोचों को देते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों से उन्हें यहां बेहतरीन प्रशिक्षण, डाइट और हर आवश्यक सुविधा मिल रही है। उनके अनुसार, इसी सहयोग ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण परिवार के लिए प्रशिक्षण का खर्च उठाना आसान नहीं था। हालांकि SAI में चयन होने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। तहुरा ने उम्मीद जताई कि उनकी उपलब्धियां पश्चिम बंगाल समेत देशभर के युवाओं को एथलेटिक्स अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी।

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