'AAP' को 'जोर का झटका : राघव चड्डा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने थामा भाजपा का दामन, नितिन नबीन ने कराया पार्टी में शामिल
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफे के बाद राज्यसभा सदस्य राघव चड्डा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शुक्रवार शाम को भारतीय जनता पार्टी के हेडक्वार्टर पहुंचकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सभी सांसदों को पार्टी में स्वागत किया और मुंह मीठा कराया।
बता दें, अब से कुछ देर पहले राघव चड्डा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देते हुए भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया था। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आज, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय कर लिया है। सात सांसदों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के अध्यक्ष को सौंपा गया था। मैंने, दो अन्य सांसदों के साथ, व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज सौंपे।

आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर लगाया पार्टी तोड़ने का आरोप
वहीं, आम आदमी पार्टी ने इसे भाजपा का 'ऑपरेशन लोटस' करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का भय दिखाकर आप के नेताओं को तोड़ने की साजिश रची गई है। आप राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि ऑपरेशन लोटस के माध्यम से भाजपा पंजाब की भगवंत मान सरकार को अस्थिर करना चाहती है।
आदर्शों से भटक चुकी है आम आदमी पार्टी : मालीवाल
आम आदमी पार्टी से से अलग गुट बनाकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय की घोषणा के बाद राज्यसभा संसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि पार्टी अपने आदर्शों से भटक चुकी है। मालीवाल ने एक्स पर कहा "साल 2006 में अपनी नौकरी छोड़कर मैंने देश सेवा का मार्ग चुना था।
आरटीआई आंदोलन, अन्ना आंदोलन, आम आदमी पार्टी के गठन और दिल्ली महिला आयोग में आइ साल निष्ठापूर्वक काम करते हुए, मैंने हर चरण में पूरी ईमानदारी और समर्पण से योगदान दिया। जिन सिद्धांतों, मूल्यों और ईमानदार राजनीति के संकल्प के साथ हमने यह सफर शुरू किया था। आज बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि अरविंद केजरीवाल और उनके इशारे पर पूरी आम आदमी पार्टी उन आदर्शों से भटक चुकी है।"
उन्होंने कहा "मेरे साथ उनके आवास पर उनके इशारे पर बुरी तरह मारपीट और अभद्रता की गई। उन्होंने अपने गुंडे को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा दिया और उसे बड़े-बड़े पदों से नवाज़ा। मुझे बर्बाद करने की धमकियाँ दी और हर संभव कोशिश की।"
मालीवाल ने कहा "केजरीवाल के संरक्षण में आम आदमी पार्टी में बढ़ता बेहिसाब भ्रष्टाचार, महिलाओं के साथ उत्पीड़न और मारपीट की घटनाएँ, गुंडा तत्वों को बढ़ावा और पंजाब के साथ हो रही धोखेबाजी और लूट को देखते हुए मैंने आज पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है। मैं इस समय संसदीय समिति की बैठक के लिए इटानगर आई हुई थी। आज रात दिल्ली लौटने के बाद इस विषय पर विस्तार से बात करूँगी।"
