जर्मनी की यात्रा पर जायेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मेक इन इंडिया और रक्षा उद्योग को लेकर व्यापक वार्ता संभव 

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
On

दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को जर्मनी की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक रूपरेखा को अंतिम रूप देना है। इस रोडमैप के तहत दोनों देशों के बीच विभिन्न सैन्य उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए एक ढांचा तैयार किया जाएगा। बर्लिन में सिंह अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। 

मंत्रालय ने सिंह की यात्रा से पहले कहा, "बातचीत के दौरान रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने, सैन्य संबंधों को मजबूत बनाने और साइबर सुरक्षा, कृत्रिम मेधा तथा ड्रोन निर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में अवसर तलाशने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।'' मंत्रालय के अनुसार, "दोनों रक्षा मंत्रियों की मौजूदगी में रक्षा औद्योगिक सहयोग रूपरेखा और संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के प्रशिक्षण में सहयोग से जुड़े क्रियान्वयन समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।" 

दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा संबंधों में भी हाल के वर्षों में गर्मजोशी आई है। निर्यात नियंत्रण में ढील और मामलों के त्वरित निपटारे के कारण जर्मनी से भारत को होने वाला रक्षा निर्यात बढ़ा है। दोनों रक्षा मंत्री भारतीय वायुसेना के लिए छह स्टेल्थ पनडुब्बियों की आपूर्ति को लेकर अंतर-सरकारी समझौते को अंतिम रूप दे सकते हैं। 

जर्मनी की रक्षा क्षेत्र की कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (टीकेएमएस) और मजागोन डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) रक्षा मंत्रालय के साथ लगभग पांच अरब यूरो के सौदे पर कीमत को लेकर बातचीत कर रही हैं। यह सौदा हाल के वर्षों में 'मेक-इन-इंडिया' के तहत सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच जारी रक्षा सहयोग की समीक्षा करने और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने का मौका भी मौका मिलेगा। सिंह जर्मनी के रक्षा उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत करेंगे, जिसका मकसद 'मेक-इन-इंडिया' पहल के तहत संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा देना है। 

रक्षा मंत्री की यह यात्रा सात साल के अंतराल के बाद हो रही है। इससे पहले फरवरी 2019 में निर्मला सीतारमण ने रक्षा मंत्री के रूप में जर्मनी का दौरा किया था। वहीं, बोरिस पिस्टोरियस जून 2023 में भारत आए थे और उन्होंने सिंह के साथ व्यापक वार्ता की थी। 

ये भी पढ़ें : 
एक्सप्रेसवे न बनें खतरे का गलियारा ...देशभर में सड़क सुरक्षा पर Supreme Court सख्त, जारी किये नए दिशा निर्देश

 

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

Barabanki News: खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट; 200 बच्चों की पढ़ाई पर भी मंडराया संकट
कानपुर में लोन डिफॉल्ट पर एक्शन : बैंक ने लगाया लैदर फैक्ट्री पर ताला, बकाया न चुकाने पर लिया कब्जा
Barabanki News: श्रावण से पहले शिव मंदिरों की विद्युत सुरक्षा दुरुस्त करने के निर्देश, डीएम बोले- लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी
NEET विवाद: सरकार-CJP वार्ता के बाद बढ़ी उम्मीदें, सरकार ने मानी 3 में से 2 मांगे; क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा?
Gonda News:चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म