Vande Mataram Bill 2026 : राज्यसभा में आज अमित शाह पेश करेंगे वंदे मातरम् बिल, अपमान करने पर हो सकती है 3 साल तक की जेल

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव, राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को मिलेगा 'जन गण मन' जैसी कानूनी सुरक्षा

केंद्र सरकार सोमवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में वंदे मातरम् बिल पेश करेगी। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान कानूनी संरक्षण देना है। प्रस्तावित कानून के तहत राष्ट्रीय गीत का अपमान करने, उसके गायन में बाधा डालने या जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न करने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान होगा।

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम् बिल पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है।

यदि यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो जाता है तो राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम में संशोधन लागू होगा और वंदे मातरम् का अपमान या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालना दंडनीय अपराध बन जाएगा।

क्या है बिल का उद्देश्य?

प्रस्तावित कानून के अनुसार, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान की तरह कानूनी संरक्षण दिया जाएगा। अभी राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम के तहत राष्ट्रीय गान के सम्मान से जुड़े स्पष्ट प्रावधान हैं, लेकिन राष्ट्रीय गीत के लिए ऐसी समान कानूनी व्यवस्था नहीं है। सरकार का कहना है कि इस संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत भी अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों जैसे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रीय गान की तरह कानूनी संरक्षण के दायरे में आ जाएगा।

अपमान करने पर क्या होगी सजा?

विधेयक के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम् का अपमान करता है, उसके गायन में बाधा डालता है या राष्ट्रीय गीत गा रही सभा में व्यवधान उत्पन्न करता है, तो उसे तीन वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। यह प्रावधान वर्तमान में राष्ट्रीय गान जन गण मन के सम्मान से जुड़े कानून के समान होगा।

9 जुलाई के निर्देश के बाद आया विधेयक

यह विधेयक केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 9 जुलाई को राज्यों को जारी किए गए निर्देशों के बाद लाया जा रहा है। मंत्रालय ने राज्यों से कहा था कि सरकारी कार्यक्रमों में जहां जन गण मन का गायन हो, उससे पहले वंदे मातरम् का वादन या गायन सुनिश्चित किया जाए। सरकार का मानना है कि यह संशोधन राष्ट्रीय गीत के सम्मान और संवैधानिक गरिमा को और अधिक मजबूत करेगा।

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