Pilibhit Medical College Murder : चीखों से गूंजा मेडिकल कॉलेज, दहशत में आए मरीज और तीमारदार
पीलीभीत, अमृत विचार: मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मंगलवार सुबह का माहौल अचानक दहशत में बदल गया। रोज की तरह मरीज उपचार के लिए कतार में थे, डॉक्टर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे और मेडिकल छात्र प्रशिक्षण में जुटे थे। सीटी स्कैन कक्ष से चीख-पुकार सुनाई दी।
कुछ ही पलों में यह खबर फैल गई कि एक छात्र ने सहपाठी छात्रा पर चाकू से हमला कर दिया है। बस..इतना सुनते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मरीज और तीमारदार इधर-उधर भागने लगे। कई लोग वारदात वाली जगह की ओर दौड़े तो कई डर के कारण अस्पताल से बाहर निकल आए। सीटी स्कैन कक्ष के बाहर कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ लग गई। खून से लथपथ छात्रा को बाहर निकलते देख हर कोई सन्न रह गया।
बताते हैं कि अस्पताल में पहली बार इस तरह की घटना सामने आई, जिसने मरीजों से लेकर डॉक्टरों-कर्मचारियों तक को झकझोर दिया। पुलिस भी पहुंच चुकी थी। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल घटनास्थल को खाली कराया और पुलिस ने पहुंचकर पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया। अस्पताल में इलाज कराने आए कई मरीजों और उनके परिजनों में भय का माहौल बना रहा। लोगों का कहना था कि जिस जगह लोग जीवन बचाने की उम्मीद लेकर आते हैं,
वहीं अगर दिनदहाड़े इस तरह का हमला हो जाए तो भयभीत होना स्वाभाविक है। वैसे तो पहले भी मरीजों और तीमारदारों के बीच कहासुनी या हंगामे की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन किसी छात्र द्वारा अस्पताल के भीतर सहपाठी पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किए जाने की घटना पहली बार सामने आई है। जब छात्रा पर लगातार चाकू से वार हो रहे थे, तब सीटी स्कैन कक्ष में तैनात स्टाफ कर्मी निधि अपनी जान जोखिम में डालकर आरोपी से भिड़ गईं।
आरोपी को रोकने के दौरान उनके हाथ में चोट आई, लेकिन उनकी तत्परता से सुरक्षाकर्मियों को आरोपी को पकड़ने का मौका मिल गया। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए जांच समिति गठित कर दी है। पुलिस ने चाकू बरामद कर लिया है। उसका चमड़े का कवर भी मिला है।
तीन सदस्यीय समिति गठित, डीजीएमई लखनऊ ने तलब की रिपोर्ट
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में छात्रा पर हुए हमले के बाद कॉलेज प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति घटना के प्रत्येक पहलू की पड़ताल करेगी। इसमें छात्र-छात्रा के बीच विवाद की पृष्ठभूमि, घटना की परिस्थितियां, सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक, संबंधित विभाग की भूमिका और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान शामिल किए जाएंगे। उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर समिति अपनी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंपेगी, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच समिति में उप-प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार को भी शामिल किया गया है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि निष्पक्ष जांच के आधार पर पूरे मामले में सख्त निर्णय लिया जाएगा। वहीं, डीजीएमयू लखनऊ ने भी घटना का संज्ञान लेकर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से रिपोर्ट तलब की है। इस मामले में मृतका के परिजन के अलावा सिक्योरिटी इंचार्ज नरेंद्र शर्मा की ओर से भी तहरीर दी जा रही है।
