फर्जी वारंट बनाकर छांगुर बाबा का सहयोगी बता किया बदनाम
कारोबारी की तहरीर पर वजीरगंज कोतवाली में पांच पर नामजद रिपोर्ट
कार्यालय संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार: पुणे के कारोबारी ने कुछ लोगों पर जमीन के पुराने विवाद के चलते मीडिया के माध्यम से उन्हें फर्जी आरोप में बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी गैर जमानती वारंट तैयार कर उन्हें छांगुर बाबा मामले से जोड़कर बदनाम किया। वजीरगंज पुलिस ने दो भाइयों समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
मूल रूप से बलरामपुर जिले के उतरौला निवासी अहमद खान वर्ष 1998 से परिवार के साथ पुणे में रह रहे हैं। वे एक फर्म के माध्यम से वे इंटीरियर डिजाइन और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री का काम करते हैं। कभी-कभार वे और उनके भाई यासीन व मतीन परिवार के साथ पैतृक निवास पिता माेहम्मद इस्लाम खान व मां से मिलने जाते हैं। अहमद ने बताया कि वर्ष 2017 में आसिफ रब्बानी खान, उसके भाई आबिद रब्बानी और अन्य ने संपर्क कर देवा रोड पर जमीन दिखायी। पसंद आने पर सौदा 69.15 लाख में तय हुआ। पीड़ित ने 35.15 लाख रुपये आरोपियों के खाते में दिए।
शेष 33 लाख का चेक 19 सितंबर 2017 का दिया। रजिस्ट्री में आनाकानी देख पीड़ित ने सौदा निरस्त कर अपनी रकम व चेक वापस मांगी तो आरोपियों ने धमकाया। साथ ही उनका 33 लाख का चेक खाते में लगाया, जो बाउंस हो गया। आरोपियों ने फर्जी चेक में फंसाने की धमकी दी। यही नहीं 18 जुलाई 2018 को उतरौला थाने में पीड़ित, उसके भाई यासीन व पिता मोहम्मद इस्लाम पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करायी। इसपर पिता ने उतरौला थाने में आबिद, आसिफ और शाहिद रब्बानी पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करायी। जिसमें पुलिस ने चार्जशीट लगा दी। साथ ही आरोपियों द्वारा दर्ज रिपोर्ट में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गयी।
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ दूसरे पीड़ित की मदद करने पर उनपर कोर्ट में हमला किया गया। कोर्ट ने पीड़ित को पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया था। इसके बाद भी उनके व भाई के खिलाफ 2019 में गोमतीनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करा दी गयी। कोर्ट का समन आने पर पीड़ित अहमद को उक्त मामले की जानकारी हुई। पीड़ित ने कोर्ट में हाजिर होकर उतरौला मामले की जानकारी दी। जिसपर कोर्ट ने शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर अपना बयान देने को कहा था। इसी बीच जुलाई 2025 में विभिन्न न्यूज चैनलों पर उन्हें धर्मांतरण आरोपी छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन का सहयोगी, सलाहकार और वित्तीय मामलों का संचालक बताते हुए खबरें प्रसारित की गईं। समाचारों में उनकी तस्वीर और कथित गैर-जमानती वारंट भी दिखाया गया, जबकि कोई वारंट जारी नहीं हुआ था।
पीड़ित का आरोप है कि जमीन विवाद के कारण विरोधियों ने फर्जी वारंट तैयार कर मीडिया तक पहुंचाया और उनकी छवि धूमिल करने के लिए उन्हें चर्चित मामले से जोड़ दिया। पीड़ित ने वजीरगंज कोतवाली में आसिफ रब्बानी, आबिद रब्बानी, तनवीर रजा, एजाज मुस्तफा निवासी उतरौला बलरामपुर, तहसीन रजा व अज्ञात के खिलाफ फर्जीवाड़ा, फर्जी आरोप लगाने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
