Barabanki News: रेलवे स्टेशन निर्माण में स्क्रैप चोरी का बड़ा खेल? एक पिकअप बरामदगी के बाद कई सवाल, जांच में फंस सकते हैं बड़े नाम
बाराबंकी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के दौरान रेलवे स्क्रैप चोरी का मामला सामने आया है। आरपीएफ ने सात लोगों को गिरफ्तार कर स्क्रैप बरामद किया है। सूत्रों का दावा है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था।
बाराबंकी, अमृत विचार : साल भर से रेलवे स्टेशन का कायाकल्प और महज एक पिकअप स्क्रैप की बरामदगी या कहें गुडवर्क किसी को हजम नहीं हो रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं कि आरपीएफ ने गुपचुप हो रही चोरी का खुलासा किया पर यह खेल कुछ दिनों से नहीं लंबे समय से जारी था और रेलवे संपत्ति की चोरी में अंदर और बाहर मिलाकर कईयों के हाथ सने हुए हैं। यानी आरपीएफ का गुडवर्क कइयों की गले की फांस बन सकता है।
बता दें कि अमृत भारत योजना के तहत बाराबंकी रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हो रहा है। पुराना निर्माण टूटने के बाद भारी मात्रा में स्क्रैप निकलता रहा। कायदे से नियम तो यह है कि पुराने स्क्रैप की बिक्री या निस्तारण विभागीय देख रेख या कर्मचारी की मौजूदगी में होनी चाहिए पर ऐसा नहीं हुआ। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि महंगे कबाड़ के निस्तारण के नाम पर रातोंरात इधर का माल उधर का खेल चल रहा था। रात घिरते ही कई डंपर और पिकअप जैसे वाहन जुटाए गए और रात के अंधेरे में माल बताए हुए अड्डे पर पहुंचा दिया गया।
इसका प्रमाण यह कि आरपीएफ टीम ने मंगलवार देर रात कार्रवाई करते हुए तीन ठेकेदारों समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक पिकअप वाहन और करीब छह कुंतल रेलवे स्क्रैप बरामद किया गया। सभी के खिलाफ आरपीएफ पोस्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। खास बात यह कि मिट्टी और स्क्रैप का अधिकांश हिस्सा हटाने के लिए लोडिंग के समय बाहर लगी लाइटों को बंद करा दिया जाता था, ताकि वहां लगे कैमरे देख न सके।
सूत्रों का दावा है कि लंबे समय से रेलवे स्क्रैप बाहर भेजने का खेल चल रहा था और खासा स्क्रैप पहले भी खपाया जा चुका है। रात के अंधेरे में डंपर और ट्रैक्टरों से बड़ी मात्रा में मिट्टी भी बाहर ले जाई जा रही थी, जिसका कोई स्पष्ट लेखा-जोखा सामने नहीं आया है। यह तो नहीं कहा जा सकता कि इस खेल में केवल ठेकेदार और लेबरों की मर्जी शामिल थी पर मामले की ढंग से जांच हो जाए तो कई बड़ों की गर्दन फंसनी तय है।
आरपीएफ बोली- जांच जारी, तथ्य मिले तो होगी कार्रवाई
आरपीएफ इंस्पेक्टर कपिल चौहान ने बताया कि पहले की गतिविधियों की उन्हें जानकारी नहीं है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस संबंध में आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एन.आर. देवांश शुक्ला से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
