UP VB-G Ram Ji Yojana: अब हर मजदूर को मिलेगी 300 दिहाड़ी; बदला वेब पेज; यूपी के 8 ब्लॉकों की 491 ग्राम पंचायतों से होगी शुरुआत
- 23 ग्राम पंचायतों से होगी शुरुआत, श्रमिकों को मिलेगी 300 रुपये मजदूरी - तालाब, पौधरोपण व जल संरक्षण कार्य के 50 से अधिक बनाएं मस्टर रोल
लखनऊ, अमृत विचार : 2 जुलाई यानी गुरुवार से मनरेगा का नाम और स्वरूप बदलकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) हो गया है। जिले की 23 ग्राम पंचायतों पर तालाब, जल संरक्षण व पौधरोपण के कार्य कराकर योजना का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों और अधिकारी करेंगे। केंद्र ने नई व्यवस्था में कार्य व प्रक्रिया बदलने के साथ मजदूरी भी बढ़ाकर 300 रुपये कर दी है।
पहले दिन आठ ब्लॉक की सभी 491 ग्राम पंचायतों पर योजना का भव्य कार्यक्रम आयोजित करके प्रचार-प्रसार किया जाएगा। श्रमिकों को याेजना के बदले नियम व फायदे बताए जाएंगे। इसी अनुसार सभी ग्राम पंचायतों पर वीबी जी राम जी के कच्चे-पक्के कार्य होंगे। बुधवार को सभी ग्राम पंचायतों पर कार्यक्रम की युद्धस्तर पर तैयारी की गई और शासन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दिशा निर्देश दिए गए।
उपायुक्त श्रम रोजगार (मनरेगा) सुशील कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र ने बड़ा बदलाव किया है। अब श्रमिकों को 350 से ज्यादा कच्चे पक्के कार्य मिलेंगे। पहले 100 दिन रोजगार मिलता था जो बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है। मनरेगा में 252 रुपये मजदूरी मिलती थी। जो केंद्र ने 1 जुलाई से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी है। वीबी जी राम जी में काम का 15 दिन के अंदर भुगतान होगा। विलंब होने पर कंपनसेशन मिलेगा। जिन श्रमिकों को 15 दिन तक काम मांगने पर नहीं मिलता तो उन्हें भत्ता मिलेगा। पहले दिन 50 से अधिक मस्टर रोल के आधार पर कार्य कराएंगे।
ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में आएगा बदलाव, 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि एक जुलाई 2026 से केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर ''विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी)'' लागू कर दिया गया है। सरकार के अनुसार नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी और राज्य में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी।
सैटेलाइट मैपिंग और जीआईएस तकनीक से विकास कार्यों की निगरानी की बात
सरकार के मुताबिक नई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दावा किया गया है कि राष्ट्रीय औसत मजदूरी भी बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई है और बढ़ी हुई मजदूरी के भुगतान के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। सरकार ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सड़क निर्माण, सिंचाई, जल संरक्षण और ग्रामीण आधारभूत ढांचे जैसी दीर्घकालिक परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं का समन्वय कर संसाधनों के बेहतर उपयोग और कार्यों के दोहराव को रोकने का प्रयास किया जाएगा.
125 दिन रोजगार का दावा
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
तकनीक आधारित होगी कार्ययोजना
सरकार के अनुसार अब विकास कार्यों की योजना स्थानीय मांग के बजाय सैटेलाइट डेटा, भूमि अभिलेख और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर तैयार की जाएगी। जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट इमेजरी और डिजिटल प्लानिंग टूल्स के जरिए कार्यों की निगरानी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने का लक्ष्य है।
कंप्यूटर पर योजना का वेब पेज बदला
मनरेगा का नाम बदल गया, आज एक जुलाई से वीबी जी राम जी योजना लागू हो गई। औपचारिक शुरूआत की गई। कंप्यूटर पर योजना का वेब पेज बदल गया। अब मस्टरोल निकलने के साथ परियोजनाओं पर काम कराने की तैयारी है। उपायुक्त वीबी जीराम जी ने खंडे विकास अधिकारियों से बात करके जानकारी दे दी। बताया गया है कि सुबह से कंप्यूटर पर मनरेगा के स्थान पर जीराम जी का पेज तैयार किया गया। चार बजे से फिर जॉबकार्ड धारकों योजना की परियोजनाओं पर काम करने लिए मस्टर रोल निकालने की बात बताई गई। दो जुलाई को गांवों में बैनर-पो्स्टर लगाकर सम्मेलन कराने की तैयारी की गई है। योजना के प्रचार प्रसार के भी निर्देश दिए गए हैं।
125 दिन रोजगार गारंटी
यूपी में ग्रामीण रोजगार और विकास को नई दिशा देने के लिए “विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)” (वीबी-जी राम जी) योजना का राज्यव्यापी शुभारंभ गुरुवार, 2 जुलाई को किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेशभर में जन सम्मेलन आयोजित होंगे और लगभग 10 हजार विकास कार्यों की शुरुआत की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और विकास को गति प्रदान करेगी। योजना 1 जुलाई 2026 से प्रदेश सहित पूरे देश में लागू हो चुकी है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में मनरेगा से जुड़े सभी सूचना पट्टों और साइन बोर्डों को नई योजना के नाम से अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित होगा, जिसमें उपमुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं राष्ट्रीय स्तर का शुभारंभ आंध्र प्रदेश के तिरुपति में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा।
ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार प्रत्येक विकासखंड की दो ग्राम पंचायतों में जन सम्मेलन होंगे, जिनमें जनप्रतिनिधि, श्रमिक, स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण भागीदारी करेंगे। इन सम्मेलनों में प्रस्तावित विकास कार्यों, विकसित ग्राम पंचायत योजना और नई योजना की विशेषताओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार गारंटी देने, आजीविका संवर्धन, डिजिटल एवं पारदर्शी प्रणाली और विकेंद्रीकृत विकास योजना पर विशेष जोर दिया गया है। प्रदेशभर में कुल 10 हजार विकास कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। इनमें सबसे अधिक कार्य आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर और सीतापुर जिलों में शुरू होंगे। ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी संबंधित अधिकारियों को जन सम्मेलन के सफल आयोजन और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
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