फिरोजाबाद में बंदरों के झुंड ने किया हमला, मासूम की मौत के बाद नगर निगम पर भड़के ग्रामीण; सड़कों पर आये लोग  

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में बंदरों के हमले के कारण एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ बंदरों के हमले के दौरान अपने भाई की गोद से छूटकर नीचे गिरी पांच महीने की मासूम बच्ची 'काव्या' की आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद बंदरों के बढ़ते आतंक से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर नगर निगम के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

छत पर टहलने के दौरान बंदरों के झुंड ने किया हमला

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना दक्षिण क्षेत्र के गांव बासठ निवासी प्रमोद कुमार की पांच माह की पुत्री काव्या बुधवार शाम को अपने बड़े भाई कन्हैया के साथ घर की छत पर खेल रही थी। कन्हैया मासूम बहन को गोद में लेकर टहला रहा था, तभी अचानक बंदरों का एक पूरा झुंड छत पर आ धमका और उन पर हमला कर दिया। बंदरों के इस अचानक हुए हमले से बचने के प्रयास में काव्या भाई के हाथ से छूटकर नीचे खड़ंजे पर जा गिरी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

प्राथमिक उपचार के बाद आगरा किया गया था रेफर

परिजन आनन-फानन में घायल बच्ची को उपचार के लिए तत्काल ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहाँ देर रात इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। काव्या अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटी थी। उसके पिता प्रमोद कुमार टाइल्स एवं पत्थर लगाने का कार्य करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। देर रात जब परिजन मासूम का शव लेकर गांव पहुंचे, तो पूरे परिवार में मातम छा गया।

नगर निगम के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश, लगाया जाम

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (सिटी) संतोष कुमार सिंह तथा थाना दक्षिण प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र पाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिजनों से घटना की जानकारी ली। इस हादसे के बाद से ग्रामीणों में बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ है और कई बार लिखित शिकायत किए जाने के बावजूद नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने के लिए कोई भी प्रभावी अभियान नहीं चलाया।

प्रशासन ने शांत कराया मामला 

ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी बंदरों के कारण क्षेत्र के कई लोग घायल हो चुके हैं। कुछ समय पूर्व एक महिला भी बंदरों से बचने के प्रयास में दो मंजिला मकान से नीचे गिरकर गंभीर रूप से चुटिल हो गई थी। प्रशासन से बंदरों के आतंक से तत्काल निजात दिलाने और विशेष अभियान चलाने की मांग करते हुए ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और आवश्यक कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया।

ये भी पढ़ें  : 
रामपुर में मानसून की दस्तक: हाथीखाना चौराहा, नगर पालिका के सामने, मिस्टन गंज, पुराना गंज की सड़कें बनीं तालाब

 

 

संबंधित समाचार