रामपुर में मानसून की दस्तक: हाथीखाना चौराहा, नगर पालिका के सामने, मिस्टन गंज, पुराना गंज की सड़कें बनीं तालाब

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Published By Anjali Singh
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- झमाझम बारिश में बच्चों ने की खूब मस्ती, जलभराव में वाहन हुए खराब

रामपुर, अमृत विचार: जिले भर में मानसून ने दस्तक दे दी है। बुधवार को बदरा खूब बरसे और पूरा शहर पानी-पानी हो गया। शहर के मोहल्ला हाथी खाना चौराहा, नगर पालिका परिषद के सामने, मिस्टन गंज, पुराना गंज, लाल कबर, चिरान, जुम्मा कालोनी में सड़कें तालाब बन गईं। झमाझम बारिश में बच्चों ने खूब मस्ती की। सड़कों पर हुए जलभराव में किसी की बाइक, किसी की ई रिक्शा और किसी की कार में पानी भर जाने के कारण खराब हो गई। पालिका के जिम्मेदारों के शहर के 84 नालों की तली झाड़ सफाई के दावों की पोल खुल गई।

मानसून की झमाझम बारिश से भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिल गई है। लेकिन शहर की सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। नालों की सफाई नहीं होने से बारिश का पानी पास नहीं होने के कारण लोगों को जलभराव की समस्या से दो चार होना पड़ा। अमृत विचार नालों की सफाई के लिए लगातार खबर प्रकाशित कर रहा था। अमृत विचार ने 29 जून के अंक में बरसात करीब, शहर के नाले गंदगी और कचरे से लबालब शीर्ष से खबर प्रकाशित की गई थी।

इसके बावजूद नालों की तली झाड़ सफाई नहीं कराई गई जिसका खामियाजा शहरियों को पूरी बरसात भुगतना पड़ेगा। बुधवार को सुबह से बारिश हो रही थी लेकिन, दोपहर में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और लोगों ने बारिश को खूब इंजॉय किया। बच्चों ने घरों और सड़कों पर खूब मस्ती की। शहर में बुधवार को बाजार बंद रहता है इसलिए व्यापारी और दुकानदार बारिश के मौसम में लांग ड्राइव पर निकल गए। बारिश से मौसम राहत भरा हो गया है। सात दिन तक मानसून के बरसने का अनुमान है। मेघगर्जन और आकाशीय बिजली के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं।- डॉ. उदय प्रताप शाही, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालय मेरठ

मानसून से पूर्व सतर्कता बरतें, जलस्रोतों के पास न जाएं: डीएम

वर्षा ऋतु के दृष्टिगत जिले में नदियों, नहरों, तालाबों, पोखरों, कुओं तथा अन्य जल निकायों में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने जनपदवासियों से सावधानी बरतने की अपील की है। डीएम ने कहा कि मानसून के दौरान नदियों एवं अन्य जलस्रोतों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे डूबने की दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। कहा बच्चों को जल स्रोतों के संभावित खतरों के प्रति जागरूक करें और किसी भी परिस्थिति में उन्हें अकेले जल स्रोतों के आसपास न जाने दें। गहरे पानी में स्नान, तैराकी, छलांग लगाने, सेल्फी लेने अथवा अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियों से पूर्णतः बचें। धार्मिक आयोजनों, सामूहिक स्नान अथवा अन्य अवसरों पर भी सुरक्षा मानकों का पालन करें। यदि किसी स्थान पर जलभराव, तेज बहाव अथवा डूबने जैसी कोई आपात स्थिति दिखाई दे तो तत्काल संबंधित विभाग, पुलिस अथवा जिला प्रशासन को सूचना दें।

सीबीएसई स्कूल खुले, भीगते हुए घर पहुंचे बच्चे

1 जुलाई से सीबीएसई स्कूल खुल गए और दोपहर में झमाझम बारिश होने के कारण भीगते हुए बच्चे घरों तक पहुंचे। हालांकि, जो लोग बच्चों को बाइक और स्कूटी से लेने स्कूल पहुंचे थे वह बच्चों को पॉलीथीन और बरसाती ढक कर घरों को लेकर गए। बारिश के कारण पहले स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रही।

खौद-रामपुर मार्ग पर जलभराव, लोगों को आवाजाही में परेशानी

अजीमनगर थाना क्षेत्र के खौद-रामपुर मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण स्थिति बदहाल हो गई है। नाला निर्माण योजना के चलते सड़क पर करीब दो-दो फीट पानी भर गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है। बच्चों को घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच से होकर स्कूलों तक आवाजाही करना पड़ी। जलभराव के कारण कई बच्चे फिसलकर गिर गए, जिससे उनकी किताबें और यूनिफॉर्म खराब हो गई। खौद चौराहे पर प्रशासन की लापरवाही के कारण बारिश से पहले नाले का काम पूरा नहीं किया गया।

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