बदायूं : गरज चमक के साथ हुई बारिश से शहर के कई इलाकों में भरा पानी, लोगों को हुई दिक्कत
- स्कूलों में हुआ अघोषित रेनी डे, उमस से तो मिली राहत लेकिन जलभराव ने किया परेशान
बदायूं, अमृत विचार : मानसून ने दस्तक दे दी है। बुधवार सुबह ही कभी झमाझम तो कभी रिमझिम बारिश से तापमान में गिरावट आई लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर से लेकर कस्बा, गांवों में जलभराव हो गया। पूरा शहर पानी-पानी हो गया। मुख्य बाजार में दुकानों से लेकर घरों में भी पानी भर गया। लोगों की गाड़ियां बंद हो गई। लोग भीगते हुए ऑफिस और स्कूल पहुंचे। स्कूलों में अघोषित रेनी डे हो गया। लोगों का कहना था कि एक साथ इतनी तेज बारिश उन्होंने कई साल से नहीं देखी।
मौसम विभाग ने एक से सात जुलाई तक झमाझम बारिश का अनुमान लगाया था। बुधवार सुबह कुछ ग्रामीण क्षेत्र में सुबह पांच और शहर में सुबह लगभग सात बजे गरज व चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। शुरू में हल्की बूंदाबांदी हुई। बच्चे स्कूल जाने के लिए तैयार हुए। इसी बीच लगभग आधा घंटे के बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई तो ज्यादातर बच्चे घर पर ही रुक गए। वहीं बारिश के चलते सड़कों पर सन्नाटा रहा। सुबह लगभग 11 बजे बारिश रुकी।
लोग अपने जरूरी काम के लिए बाहर निकले तो हर तरफ जलभराव नजर आया। शहर में लाबेला चौक से छह सड़का मार्ग, सकरी क्लीनिक मार्ग, गांधी ग्राउंड स्थित प्रदर्शनी, बाहर सड़क, पनवड़िया मार्ग, बाबूराम मार्केट, मधुवन कॉलोनी में दो ढाई फिट तक पानी भर गया। लोग जलभराव से होकर गुजरे। सबसे ज्यादा समस्या स्कूटर व स्कूटी सवारों के सामने आई। उनके वाहन गहरे पानी में जाते ही बंद हो गए। इंजन में पानी भर गया। वहीं दोपहर में निकली धूप ने परेशान किया।
खुले नालों से हादसे की आशंका, बचकर गुजरे जानकार
शहर में कई जगह नाले खुले पड़े हैं। जिससे अक्सर ही हादसे की आशंका रहती है। कैलाश टॉकीज के पास नाले किनारे से रास्ता गुजर रहा है। बारिश की वजह से यहां इतना जलभराव हुआ कि पता नहीं चल रहा था कि सड़क कहां है और नाला की हद कहां तक है। नाले के बारे में जानकार लोग बराबर में दीवार का सहारा लेते हुए गुजरे। लोगों ने कई बार नाले की दीवार बनवाने की मांग की लेकिन नगर पालिका ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। ऐसा ही हाल गांधी ग्राउंड चौराहे के पास से गुजरने वाले नाले का था। चौराहे पर मौजूद लोग वाहनों को साइड से जाने से रोकते नजर आए। बताया कि यहां नाला है।
नाले में तख्त लगाकर बहाव रोकने का प्रयास
लगभग चार घंटे में अनुमान लगाया जा रहा है कि 11 एमएम बारिश हुई है। बारिश में जगह-जगह हुए जलभराव पर किसी ने नगर पालिका को बदनाम करने का प्रयास किया। मोहल्ला लोटनपुरा स्थित पुलिया के नीचे पटला रखकर पानी का बहाव रोकने का प्रयास किया। पानी पास नहीं हो रहा था तो नगर पालिका चेयरमैन फात्मा रजा के पास सूचना पहुंची। उन्होंने नगर पालिका के कर्मचारी को मौके पर भेजा। देखा कि पुलिया के नीचे पटला फंसाया गया था। कर्मचारी ने पलटे को बाहर निकाला तो पानी तेज से बहने लगा। नगर पालिका की ओर से जानकारी करके पलटा लगाने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
बिल्सी में पहली बारिश से गर्मी से मिली राहत
बिल्सी, अमृत विचार : पहली झमाझम बारिश ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी। पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज धूप और उमस से लोग बेहाल थे लेकिन बुधवार को हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई। जिससे मौसम सुहाना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, बारिश नगर की व्यवस्थाओं की पोल भी खोल गई। बारिश के बाद ही कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। जिससे लोगों और राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर नालियों का गंदा पानी और कीचड़ सड़कों पर फैल गया। जिससे फिसलन बढ़ने के साथ यातायात भी प्रभावित रहा।
पुल के ऊपर आया पानी, घूमकर गए ग्रामीण
पहली बारिश में ही कादरचौक क्षेत्र के गांव मोहम्मदगंज के पास नदी का पानी पुल पर चढ़ आया। पानी का बहाव भी ज्यादा था। जिसकी वजह से ग्रामीण पानी से जाने में कतराते रहे। ककराला जाने वाले लोगों को भोजपुर आदि गांव होकर जाना पड़ा। वहीं चार पहिया वाहन पुल के ऊपर से गुजरे तो साइलेंसर में पानी जाने से बंद पड़ गए।
