राम मंदिर दान घोटाला: FIR के बाद सियासत गरमाई, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने, ओवैसी से लेकर सपा-कांग्रेस तक तीखे हमले
अयोध्याः करीब ढाई साल पहले, 22 जनवरी 2024 को जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का उद्घाटन हुआ था, तब देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धा के नाम पर चंदा और दान की बाढ़ आ गई थी। करोड़ों लोगों ने आस्था के साथ खुलकर योगदान दिया था। तब किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि इतनी जल्दी इसी चढ़ावे पर घपले के आरोप लगने लगेंगे और वो भी करोड़ों की हेराफेरी के।
अब हालात ऐसे हैं कि हर दिन नए खुलासों और नए आरोपों की फाइल खुल रही है। आठ नाम सामने आने के बाद SIT जांच तेज और इस्तीफे की गूंज भी तेज हो गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस ट्रस्ट को आस्था और विश्वास का प्रतीक माना गया, वही अब “ट्रस्ट” यानी भरोसे के संकट में क्यों घिर गया है।
राजनीतिक तंज भी अपने चरम पर है और विपक्ष यह सवाल उठा रहा है कि इतनी बड़ी योजना और मजबूत व्यवस्था के बीच यह कथित गड़बड़ी आखिर कैसे और किसकी नाक के नीचे हुई।
राजनीतिक सियासत और आरोप-प्रत्यारोप
राम मंदिर दान घोटाले पर अब पूरा राजनीतिक गलियारा गरमा चुका है। FIR दर्ज होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं और एक-दूसरे पर तीखे वार कर रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि यह सब बिना सत्ता के संरक्षण के संभव ही नहीं था। वहीं सत्ता पक्ष इसे कानून-व्यवस्था के तहत चल रही जांच बता रहा है।
योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला
देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग पहले भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते रहे और अयोध्या को नकारते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण का लगातार विरोध किया गया और अब वही लोग आस्था की बात कर रहे हैं जिन्होंने पहले “जय श्रीराम” के नाम पर भी विवाद खड़े किए।
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ओवैसी का तीखा सवाल
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि FIR कब होगी और उसके बाद कार्रवाई किस तरह होगी—बुलडोजर या गोली? ओवैसी ने आरोप लगाया कि कानून का इस्तेमाल चुनिंदा मामलों में अलग-अलग तरीके से किया जा रहा है और यह केवल मुस्लिम समुदाय तक सीमित नजर आता है।
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अन्य राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के आलोक कुमार ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और पुलिस को बिना दबाव के कार्रवाई करनी चाहिए और किसी भी घोटाले करने वाले को छोड़ना नहीं चाहिए।
भाजपा और सरकार का पक्ष
ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार गंभीर है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। बिहार के सहकारिता विभाग के मंत्री रामकृपाल यादव ने प्रशासनिक कार्रवाई को सही कदम बताया।
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केजरीवाल का अयोध्या दौरा
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। उन्होंने देश की सुख-समृद्धि की कामना की और हनुमानगढ़ी दर्शन सहित संतों से मुलाकात का कार्यक्रम भी रखा।
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विपक्ष के तीखे आरोप
राम मंदिर में चंदे के गबन के आरोप में 8 लोगों के खिलाफ FIR होने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "जनता कह रही है कि पहले एसआईटी (SIT) के बहाने सारे सबूत साफ़ कर दिए गए होंगे और यह निश्चित कर लिया गया होगा कि किन बड़ी मछलियों को बचाना है और किसे फँसाना है, उसके बाद ही एफआईआर (FIR) दर्ज की जा रही है।"
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने SIT को “लीपापोती” बताते हुए सिटिंग जज जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दबाव में दर्ज हुआ केस, इस FIR से कांग्रेस संतुष्ट नहीं। इसमें FIR में चार प्रमुख लोगों का नाम नहीं, ‘इन लोगों की गिरफ्तारी तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी’। अजय राय ने आगे कहा कि ‘ज़रूरत पड़ेगी तो राम मंदिर ट्रस्ट का घेराव करेंगे’, बताना होगा चढ़ावा चोरी का पैसा कहां?, SIT की जांच पर भरोसा नहीं।
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पप्पू यादव ने इसे “संगठित अपराध” बताया।
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने सरकार पर बचाव का आरोप लगाया।
टीका राम जूली ने ट्रस्ट पर गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए।
तेज नारायण पांडे ने कहा कि बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है।
तंज के बीच बड़ा सवाल
जहां एक तरफ आस्था के नाम पर बने भव्य राम मंदिर को लेकर श्रद्धा का माहौल था, वहीं अब वही व्यवस्था सवालों के घेरे में है और सियासी गलियारों में “विश्वास” बनाम “आरोप” की जंग खुलकर सामने आ गई है।
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