Minister Resignation : केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार किया
नई दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में उन्हें दोबारा उम्मीदवार न बनाने का फैसला किया था। राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार को जानकारी दी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
कई मंत्रालयों का संभाल रहे थे प्रभार
जॉर्ज कुरियन अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में भी केंद्रीय राज्य मंत्री का प्रभार संभाल रहे थे। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
दोबारा नहीं बनाया गया था उम्मीदवार
जॉर्ज कुरियन संभवत केंद्र सरकार में एकमात्र ऐसे मंत्री थे जो ईसाई समुदाय से आते हैं। राज्यसभा में उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। भाजपा ने हाल में हुए राज्यसभा चुनावों में कुरियन को दोबारा उम्मीदवार न बनाने का फैसला किया था। गौरतलब है कि दो केंद्रीय मंत्रियों—रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को 18 जून को हुए राज्यसभा चुनावों के लिए पार्टी द्वारा दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया था, जिसके चलते कार्यकाल खत्म होने पर उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
मोदी के PM बनने की वजह से ही मैं केंद्रीय मंत्री बन सका: जॉर्ज कुरियन
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय राज्य मंत्री पद से अपना इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद कहा कि वह केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वजह से ही केंद्र सरकार के मंत्रिपरिषद में स्थान पा सके। कुरियन ने मंगलवार को फेसबुक पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में कहा कि केंद्रीय मंत्री बनना उनके लिए ऐसा अवसर था, जिसकी उन्होंने ''सपने में भी कल्पना नहीं की थी।''
अपने विदाई संदेश में उन्होंने मंत्री पद तक पहुंचने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित करते हुए कहा कि उन्हें सूचित किया गया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। कुरियन ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक अनौपचारिक क्षण की अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 22 जून को मुलाकात के दौरान यह अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत रूप से आभार व्यक्त किया और अपना इस्तीफा सौंप दिया।
केंद्र सरकार में संभवत एकमात्र ईसाई मंत्री रहे कुरियन ने कहा कि उनका राज्यसभा का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था, लेकिन वह अगले दिन ही प्रधानमंत्री से मिल सके। उन्होंने लिखा, ''मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं केंद्रीय मंत्री बनूंगा। यह केवल इसलिए संभव हुआ क्योंकि नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने और मुझे केंद्रीय मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर मिला।''
कुरियन अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा उनके पास मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार भी था। हाल में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पुनः उच्च सदन भेजने का निर्णय नहीं लिया, जिसके साथ ही उनका संसदीय कार्यकाल समाप्त हो गया।
