यूपी DGP राजीव कृष्ण की समीक्षा बैठक: कांवड़ यात्रा पर यूपी पुलिस अलर्ट, Zero Incident-Zero Accident का लक्ष्य

Amrit Vichar Network
Published By Ankit Yadav
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लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में प्रदेशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ ऑनलाइन माध्यम से उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में कांवड़ यात्रा, आगामी त्योहारों, कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा समेत कई अहम मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कांवड़ यात्रा और आगामी पर्वों को 'Zero Incident & Zero Accident' के लक्ष्य के साथ संपन्न कराया जाए।

कांवड़ यात्रा पर विशेष फोकस

डीजीपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कांवड़ मार्गों, शिविरों, घाटों और प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट सुनिश्चित किया जाए। साथ ही टेथर्ड ड्रोन, सीसीटीवी और सोशल मीडिया के जरिए लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। पड़ोसी राज्यों और सीमावर्ती जिलों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

यूपी DGP राजीव कृष्ण की अपराध समीक्षा बैठक (1)

अपराधियों पर सख्त कार्रवाई

बैठक में हत्या, डकैती, लूट, चेन स्नैचिंग और अन्य गंभीर अपराधों के लंबित मामलों का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने सक्रिय अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट जैसी कानूनी कार्रवाई तेज करने को कहा। यक्ष (Yaksh) ऐप के जरिए बीट सूचना तंत्र को मजबूत करने और सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए। सत्यापन के दौरान लापता मिलने वाले अपराधियों की तलाश के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने को कहा गया।

सड़क हादसों में आई कमी

बैठक में ZFD और RTC अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1 जनवरी से 30 जून 2026 के बीच, वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 9 प्रतिशत और मौतों में 10 प्रतिशत की कमी आई है। इस अभियान के कारण 800 से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकी। डीजीपी ने सड़क सुरक्षा अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

नई तकनीक और मिशन शक्ति पर जोर

लंबित विवेचनाओं की निगरानी के लिए Case Diary Monitoring Dashboard पोर्टल पेश किया गया। इसके माध्यम से 60 और 90 दिन से अधिक लंबित मामलों में 15 दिन पहले ही संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मिलेगा, जिससे समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो सकेगा।

डीजीपी ने बताया कि मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना के बाद दहेज हत्या के मामलों में करीब 43 प्रतिशत और दहेज प्रताड़ना के मामलों में लगभग 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने सभी अधिकारियों को मिशन शक्ति केंद्रों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

सोशल मीडिया और गुमशुदा मामलों पर निर्देश

बैठक में सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने, भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, गुमशुदा महिलाओं और बच्चों की जल्द बरामदगी सुनिश्चित करने तथा मीडिया को समयबद्ध और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही थानों में खड़े जब्त वाहनों के जल्द निस्तारण और डंपिंग यार्ड विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

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