KGMU में बड़ा खुलासा: फर्जी डॉक्टर हस्साम अहमद के नेटवर्क से धर्मांतरण की आशंका, अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी गहरी पैठ

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊः लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में फर्जी डॉक्टर के रूप में घूम रहे हस्साम अहमद के मामले ने तूल पकड़ लिया है। 12वीं पास आरोपी पर न सिर्फ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप हैं, बल्कि धर्मांतरण रैकेट चलाने की भी आशंका जताई जा रही है। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि हस्साम ने राजधानी के कई मेडिकल संस्थानों में गहरी पैठ बना रखी थी।

हस्साम की पहुंच और तरीका

हस्साम अक्सर अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों और छात्रों से मिलता था। चिकित्सक छात्राओं से उसका परिचय KGMU डॉक्टर के रूप में कराते थे। सूत्रों के मुताबिक, वह कार्डियो सेवा फाउंडेशन के मेडिकल शिविरों का इस्तेमाल करके छात्र-छात्राओं को आकर्षित करता था। उनमें खासतौर पर हिंदू छात्राओं को निशाना बनाया जाता था।

जांच टीम अब उन सभी मेडिकल संस्थानों की सूची तैयार कर रही है जहां आरोपी ने अपना जाल बिछाया था। इन संस्थानों को जल्द नोटिस जारी किए जाएंगे। हस्साम के पास जाली दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस उसके शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की सत्यता भी परख रही है।

मददगार भूमिगत, बैंक खातों की छानबीन

हस्साम को फर्जी डॉक्टर के रूप में स्थापित करने वाले उसके सहयोगी अब फोन बंद करके फरार हो गए हैं। पुलिस ने आरोपी के मड़ियांव स्थित अजीजनगर घर की तलाशी ली और परिजनों से पूछताछ की। परिवार ने उसकी गतिविधियों से अनभिज्ञता जताई है।

पुलिस अब हस्साम के बैंक खातों का ब्योरा खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि उसके अकाउंट में पैसे कहां से आ रहे थे। साथ ही, पहले गिरफ्तार डॉ. रमीज से उसके लेन-देन की भी जांच हो रही है। आरोपी का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है और विदेश यात्राओं तथा विदेशी संपर्कों की डिटेल्स निकाली जा रही हैं।

लॉरी कार्डियोलॉजी का छात्र फारूक मसूदी भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान हस्साम के तार लॉरी कार्डियोलॉजी विभाग के टेक्नीशियन छात्र फारूक मसूदी से जुड़े मिले हैं। फारूक 2023 में दो वर्षीय कार्डियोलॉजी टेक्नीशियन कोर्स में दाखिला लिया था। हस्साम की गिरफ्तारी के बाद वह छुट्टी पर चला गया और पूछताछ के दौरान फोन काट दिया। 

KGMU प्रशासन ने उसके दूसरे वर्ष की परीक्षा का परिणाम रोक दिया है। छात्र को दो दिन के अंदर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। उसकी शैक्षिक फाइल भी जब्त कर ली गई है।

सोशल मीडिया नेटवर्क और हिंदू छात्राओं को जोड़ने का अभियान

फारूक मसूदी का सोशल मीडिया पर व्यापक नेटवर्क है, जिसमें निजी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। वह छात्रों को करियर, कॉन्फ्रेंस और विदेशी अवसरों के सपने दिखाकर आकर्षित करता था। 2023 से एक सुनियोजित अभियान चल रहा था जिसमें हिंदू छात्राओं को इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा था। इस काम में मुस्लिम छात्र-छात्राएं भी सक्रिय बताई जा रही हैं।

KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि फारूक का रिजल्ट रोक दिया गया है। शिविरों में शामिल सभी छात्र-छात्राओं के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। हॉस्टल वार्डन, क्लास टीचर्स और संबंधित अधिकारियों को शिविर की तस्वीरें साझा की गई हैं। चिन्हित छात्रों से उनके नेटवर्क और गतिविधियों के बारे में विस्तार से पूछताछ की जाएगी।

पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के करीबियों से पूछताछ कर रही है। मामले में धाराएं बढ़ाने और सहयोगियों को पकड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

यह मामला KGMU समेत पूरे मेडिकल शिक्षा जगत में सनसनी फैला रहा है। जांच आगे बढ़ने पर और बड़े खुलासे की संभावना है।

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