Uttrakhand:नैनी झील में 300 स्नो ट्राउट का संचय, सुधरेगा पारिस्थितिकी तंत्र
नैनीताल, अमृत विचार। सरोवर नगरी की पहचान नैनी झील एक बार फिर अपने प्राकृतिक संतुलन की ओर लौटती नजर आ रही है। गुरुवार को तल्लीताल स्थित सेंट जॉसेफ स्वीमिंग हाउस के पास झील में बनाए गए मत्स्य केज में करीब 300 स्नो ट्राउट मछलियों का संचय किया गया। यह पहल झील की जैव विविधता को पुनर्जीवित करने और जल की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्य अतिथि कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने बताया कि 1990 के दशक में महाशीर और स्नो ट्राउट जैसी प्रजातियां लगभग विलुप्त हो गई थीं। वर्ष 2005 से ट्राउट प्रजाति के पुनः संवर्धन के प्रयास शुरू हुए थे, जिनके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। अब करीब 35 साल बाद स्नो ट्राउट को दोबारा झील में स्थापित करने की पहल की गई है। इस परियोजना में कुमाऊं विश्वविद्यालय की अहम भूमिका रही। जंतु विज्ञान विभाग की टीम ने मछलियों के बीज को विकसित कर उनकी अंगुलिकाएं तैयार कीं, जिन्हें झील में छोड़ा गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्नो ट्राउट काई को खाकर जल में नाइट्रोजन संतुलित करेगी और ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने में सहायक होगी। इससे झील का पारिस्थितिकी तंत्र बेहतर होगा। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल, प्रो. चंद्रकला रावत सहित कई लोग मौजूद रहे।
