कल खुलेंगे बाबा बदरीनाथ के कपाट, फूलों से सजाया गया है सिंहद्वार..यात्रा मार्गों पर पुलिस मोबाइल मोटरसाइकिल टीमें रहेगीं तैनात
चमोली। उत्तराखंड में बदरीनाथ धाम के कपाट गुरुवार को प्रातः छह बजकर 15 मिनट पर खुलेंगे। इसके लिए करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र बदरीनाथ मंदिर , विराट और भव्य सिंहद्वार सहित बदरीनाथ पुरी को फूलों से सजाया गया है। भगवान बदरी विशाल के प्रथम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु कपाट खुलने से पूर्व ही बदरीनाथ पहुंच गये हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस मंगलम अवसर पर मौजूद रहेंगे। बदरी नाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉक्टर हरीश गौड़ ने बुधवार को बताया कि भगवान बदरी विशाल के मंदिर कपाट खुलने से पूर्व परम्परा और मान्यताओं के अनुसार उद्धव जी और कुबेर महाराज की दिव्य डोलियाँ बुधवार को पांडुकेश्वर से बदरीनाथ पहुंची।
भगवान श्री कृष्ण के सखा उद्धव और देवताओं के खजांची कुबेर महाराज की पवित्र उत्सव डोलियाँ योगध्यान बद्री मंदिर, पांडुकेश्वर से बुधवार को जय घोष के साथ बद्रीनाथ धाम पहुँची। पूरी बदरीनाथ पुरी भक्तिमय माहौल है। चारों ओर जय बदरी विशाल के जयकारे हो रहे हैं।
ट्रैफिक और अपराध नियंत्रण के लिए हर मोड़ पर पुलिस
राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध चारधाम की इस वर्ष की यात्रा पूरी तरह शुरू हो जाएंगी। श्री बदरीनाथ की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए चमोली पुलिस ने यात्रा मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव और संभावित जाम की समस्या से निपटने के साथ-साथ अपराधों पर भी प्रभावी नियंत्रण को अब पुलिस मोबाइल मोटरसाइकिल टीमें तैनात कर दी है। यह टीम हर मोड़ पर सक्रिय नजर आएंगी और आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचायेंगी।
इसी क्रम में आज जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने पुलिस मैदान से 24 मोबाइल मोटरसाइकिल टीमों को सेक्टर अधिकारियों के साथ हरी झंडी दिखाकर यात्रा रूट के लिए रवाना किया। पुलिस अधीक्षक श्री पंवार ने बताया कि चारधाम यात्रा, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, वहीं बढ़ती भीड़ के चलते यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों बड़ी चुनौती बन जाती हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए यह रणनीतिक पहल की गई है, जिससे न केवल ट्रैफिक को सुचारू रखा जा सके, बल्कि यात्रा मार्गों पर सुरक्षा का मजबूत घेरा भी सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि मोबाइल बाइक टीमें विशेष रूप से संकरे, संवेदनशील, लैंडस्लाइड जोन और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगातार गश्त करेंगी।
ये टीमें संपूर्ण यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय रहेंगी। साथ ही, ये टीमें न केवल ट्रैफिक को नियंत्रित करेंगी, बल्कि यात्रियों को तुरंत राहत देने, मार्गदर्शन करने एवं आवश्यकता पड़ने पर आपात सहायता भी उपलब्ध कराएंगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पंवार ने बताया कि इस पहल से जहां यात्रा मार्गों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होगी, वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और विश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सुमिताभ उप्रेती
