सीफूड एक्सपोर्ट में भारत ने रचा इतिहास, 72,000 करोड़ का रिकार्ड निर्यात, फ्रोजन झींगा बना विदेशी कमाई का सबसे बड़ा जरिया

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Published By Anjali Singh
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दिल्ली। अमेरिकी बाजार में गिरावट के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का समुद्री खाद्य निर्यात रिकॉर्ड 72,325.82 करोड़ रुपये (8.28 अरब डॉलर) तक पहुंच गया। इस वृद्धि का मुख्य कारण अमेरिका के अलावा दूसरे बाजारों में समुद्री खाद्य निर्यात के प्रयास में मिली महत्वपूर्ण सफलताएं हैं। समुद्री खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीडा) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2026 को समाप्त वर्ष में समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात मात्रा के हिसाब से 19.32 लाख टन तक पहुंच गया। 

वैश्विक बाजारों में खलल के बीच इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। निर्यात की इस वृद्धि में फ्रोजन झींगा का प्रमुख योगदान रहा। वर्ष के दौरान इसके निर्यात ने 47,973.13 करोड़ रुपये (5.51 अरब अमेरिकी डॉलर) का योगदान दिया था, जो कुल निर्यात आय के दो-तिहाई से अधिक है। झींगा की खेप की मात्रा में 4.6 प्रतिशत और मूल्य में 6.35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वर्ष के दौरान भारत के समुद्री खाद्य उत्पादों के लिए अमेरिका सबसे बड़ा निर्यात ठिकाना बना रहा और वहां के लिए निर्यात 2.32 अरब डॉलर रहा। 

इस दौरान हालांकि भारत के खिलाफ शुल्क बढ़ाये जाने के प्रभाव से अमेरिका को किया गया निर्यात मात्रा में एक साल पहले की तुलना में 19.8 प्रतिशत और मूल्य में 14.5 प्रतिशत घट गया। चीन, यूरोपीय संघ और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों जैसे वैकल्पिक बाजारों में मजबूत बढ़ोतरी से इस गिरावट की भरपाई हुई। दूसरे सबसे बड़े निर्यात ठिकाने चीन को निर्यात मूल्य में 22.7 प्रतिशत और मात्रा में 20.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यूरोपीय संघ ने भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की, जहां निर्यात मूल्य में 37.9 प्रतिशत और मात्रा में 35.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

दक्षिण-पूर्व एशिया में भी विशेष विस्तार हुआ, जहां मूल्य और मात्रा में क्रमशः 36.1 प्रतिशत और 28.2 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई। जापान को निर्यात मूल्य में 6.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पश्चिम एशिया को निर्यात में वित्तीय वर्ष के अंत में क्षेत्र में व्याप्त अशांति के कारण 0.55 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गयी। कई अलग-अलग बाजारों में दहाई के अंकों तक की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गयी, जो पारंपरिक बाजारों में व्यापारिक चुनौतियों के बीच विविधीकरण की ओर स्पष्ट बदलाव को दर्शाती है। 

उत्पादों की बात करें तो, फ्रोजन मछली, स्क्विड, कटलफिश, सूखे खाद्य पदार्थ और जीवित उत्पादों के निर्यात में सकारात्मक तेजी देखी गयी, जबकि ठंडे के उत्पादों में गिरावट आयी। सुरिमी, मछलियों का भोजन और मछली के तेल के निर्यात में सुधार हुआ। लॉजिस्टिक्स के संदर्भ में, शीर्ष पांच बंदरगाहों - विशाखापट्टनम, जेएनपीटी, कोच्चि, कोलकाता और चेन्नई - का कुल निर्यात मूल्य में लगभग 64 प्रतिशत हिस्सा रहा।

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