Parliament Monsoon Session 2026 : सरकार बनाम विपक्ष आमने-सामने, संसद में हंगामा और बाहर CJP का प्रदर्शन; जानिए अब तक क्या-क्या हुआ

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत सरकार और विपक्ष के बीच तीखे टकराव के साथ हुई। विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद, NEET पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा किया, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। वहीं संसद के बाहर CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत सोमवार को सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के साथ हुई। सत्र के पहले ही दिन लोकसभा और राज्यसभा में राम मंदिर चढ़ावा विवाद, NEET पेपर लीक समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। वहीं संसद परिसर के बाहर CJP (Cockroach Janata Party) के 'चलो संसद' मार्च को लेकर प्रदर्शन और पुलिस के साथ तनातनी ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया।

पीएम मोदी ने की सकारात्मक और सार्थक सत्र की अपील

संसद पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से मानसून सत्र को जनहित के लिए उपयोगी और परिणामकारी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद का हर क्षण देश और नागरिकों के हित में समर्पित होना चाहिए तथा सभी दलों को सकारात्मक चर्चा में भाग लेना चाहिए।

सरकार बोली- विपक्ष हर मुद्दा उठा सकता है, शर्तें नहीं थोप सकता

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष अपनी शर्तों पर सदन नहीं चला सकता। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विधायी कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सत्र को सुचारु रूप से संचालित करना है। इस सत्र में कई अहम विधेयक पेश किए जाने की तैयारी भी है।

राम मंदिर चढ़ावा और NEET पर विपक्ष का सरकार पर हमला

सत्र के पहले दिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत INDIA गठबंधन के दलों ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद, NEET पेपर लीक और अन्य जनहित के मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद के बाहर CJP प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठाया। लोकसभा में विपक्षी सांसदों की लगातार नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और कुछ ही देर बाद उसे स्थगित करना पड़ा।

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संसद के बाहर CJP का 'चलो संसद' मार्च

मानसून सत्र के पहले दिन CJP की ओर से 'चलो संसद' मार्च का आह्वान किया गया था। दिल्ली पुलिस ने पहले ही इस मार्च की अनुमति नहीं दी थी और संसद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों की ओर से लाठीचार्ज के आरोप लगाए गए, जबकि दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग से इनकार किया। बाद में CJP प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बातचीत की पहल की जानकारी भी सामने आई।

लोकसभा में नहीं चल सकी कार्यवाही

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद और NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ओम बिरला ने सदन को व्यवस्थित ढंग से चलाने की अपील की, लेकिन हंगामा नहीं थमा और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है सियासी गर्मी

मानसून सत्र की शुरुआत से ही सरकार और विपक्ष के तेवर आक्रामक दिखाई दिए हैं। विपक्ष जहां राम मंदिर चढ़ावा विवाद, NEET पेपर लीक, CJP आंदोलन समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, वहीं सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने और सदन को सुचारु रूप से चलाने पर जोर दे रही है। ऐसे में सत्र के आगामी दिनों में संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं।

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