UP:रामपुर रियासत की मुख्य धरोहर किला अस्तित्व बचाने की कर रहा जद्दोजहद

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

रामपुर, अमृत विचार। रियासत-ए- रामपुर की मुख्य धरोहर किला आज अपने अस्तित्व को बचाने की जद्दोजहद कर रहा है। किले की संगे बुनियाद 7 अक्टूबर 1774 को नवाब फैजुल्ला खां ने रखी थी, जो रामपुर रियासत की स्थापना का प्रतीक है। यह किला अपनी शाही वास्तुकला, रजा लाइब्रेरी और इमामबाड़ों के लिए प्रसिद्ध है। वर्ष 1890 में नवाब हामिद अली खान ने ब्रिटिश इंजीनियर डब्ल्यूसी राइट की मदद से भव्य रूप दिया। 

किले के भव्य गेट और उसकी दीवारों पर पीपल, नीम समेत खरपतवार उग आई है जिसकी जड़ें इमारत में बैठ चुकी हैं। किला पूर्वी गेट, जच्चा-बच्चा सेंटर के सामने किले की दीवार पर बड़े पेड़ उगे हुए हैं। यदि समय रहते इन पेड़ों को नहीं कटवाया गया तो इमारत किसी भी दिन भर-भराकर गिर सकती है। 15 मई 1949 को भारत सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट्स के सलाहकार वीपी मैनन रामपुर आए और रियासत के विलय के समझौते मर्जर एग्रीमेंट पर गर्वनर जनरल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि के रूप में मिस्टर मैनन और रामपुर रियासत की ओर से नवाब रजा अली खां ने हस्ताक्षर किए। 

एक जुलाई 1949 ई. से रियासत रामपुर का केंद्र में विलय स्वीकर कर लिया गया और इस दिन लैजिस्लेटिव असेंबली भंग कर दी गई। भारत संघ को सौंपने के बाद किले के रखरखाव में अनदेखी बरती गई और लोग उस की आराजी पर कब्जा करते गए। महल सराय समेत आईटीआई के हास्टल समेत काफी इमारतों पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। प्रशासन की जानकारी में पूरा मामला है लेकिन, मौन है। किले के गेट और दीवारों पर पीपल समेत तमाम पेड़ पौधे उग आए हैं। रखरखाव के अभाव में किले की खूबसूरती पर कई दाग लग गए हैं। इन दागों को हटाकर किले की सुंदरता और वैभव को लौटाया जा सकता है। किले के भीतर और बाहर लोगो के अनाधिकृत कब्जों को हटवाकर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है।

किले में यह हैं आफिस और स्कूल
राजकीय उद्यान विभाग का कार्यालय, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजकीय कन्या इंटर कालेज, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान महिला, राजकीय खुर्शीद इंटर कालेज, नहर खंड, एलआईयू, आईटीआई हॉस्टल।

 

संबंधित समाचार