Uttrakhand: मौत के यू-टर्न'' ने बुझा दिए तीन घरों के चिराग, आखिरी सांस तक साथ रहे जिगरी यार
मनोज आर्या, रुद्रपुर। थाना पंतनगर क्षेत्र के संजय वन के समीप रविवार रात हुआ सड़क हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि तीन परिवारों की उम्मीदों का खात्मा था। करीब डेढ़ साल पहले आईटीआई और पॉलिटेक्निक के दौरान शुरू हुई इन तीनों की दोस्ती मिसाल थी। रविवार रात सवा 11 बजे तीनों नैनीताल फ्लाईओवर तक पहुंच चुके थे, लेकिन तभी अचानक उन्होंने दोबारा हल्द्वानी जाने का फैसला किया। नियति का यह ''यू-टर्न'' उनके लिए काल बन गया। संजय वन से आगे निकलते ही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें रौंद दिया।
मृतक दोस्तों की पहचान आकाश कश्यप (निवासी सिविल लाइन, रामपुर), अनिकेत कश्यप (निवासी जसपुर) और रोहन कश्यप (निवासी रुड़की, हरिद्वार) के रूप में हुई है। इन तीनों की दोस्ती करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुई थी। रोहन और आकाश ने साथ में आईटीआई की थी, जबकि अनिकेत पॉलिटेक्निक के बाद सिडकुल की एक नामी ऑटो कंपनी में कार्यरत था। हालांकि नौकरी के सिलसिले में तीनों के रास्ते अलग-अलग शहरों (नोएडा और सिडकुल) की ओर मुड़ गए थे, लेकिन उनके दिलों की दूरी कभी नहीं बढ़ी।
रविवार को तीनों दोस्त एक पुराने मित्र की शादी में शामिल होने के लिए रुद्रपुर में एकत्र हुए और स्कूटी पर सवार होकर हल्द्वानी के लिए निकले। शादी की खुशियां मनाकर रात करीब सवा 11 बजे वे नैनीताल फ्लाईओवर तक पहुंच चुके थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; अचानक उन्होंने दोबारा हल्द्वानी की ओर लौटने का मन बनाया और यही ''यू-टर्न'' उनकी मौत का कारण बन गया।
स्कूटी सवार युवकों को 50 मीटर तक घसीटती ले गई स्कॉर्पियो
रात के करीब 12 बजे थे, जब संजय वन से महज दो किलोमीटर आगे हाईवे पर पीछे से आ रही स्कॉर्पियो ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मारी। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो चालक स्कूटी और युवकों को करीब 50 मीटर से अधिक दूरी तक घसीटता हुआ ले गया। घटनास्थल पर चारों ओर खून बिखरा था, युवकों के जूते दूर-दूर तक छिटक गए थे और स्कूटी के परखच्चे उड़ चुके थे। आकाश झाड़ियों में तड़प रहा था, जबकि रोहन और अनिकेत हाईवे के बीचों-बीच खून से लथपथ पड़े थे।
नशे में धुत था चालक, लहरा रही थी स्कॉर्पियो
घटना के समय वहां से गुजर रहे अन्य राहगीरों ने जब गाड़ी को रुकवाया, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। स्कॉर्पियो की ड्राइविंग सीट पर बैठा युवक नशे में इस कदर धुत था कि उसे यह तक आभास नहीं था कि उसकी लापरवाही ने तीन युवकों की जान ले ली है। नशे के कारण स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर लहरा रही थी और गनीमत रही कि वह पेड़ से टकराने से बच गई, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था।
उजड़ गए तीन घरों के चिराग
इस हादसे ने तीन परिवारों की रीढ़ तोड़ दी है। रोहन कश्यप पिता की मृत्यु के बाद अपने घर का इकलौता चिराग था और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। अनिकेत कश्यप घर का सबसे बड़ा बेटा था। हाल ही में उसकी बड़ी बहन का रिश्ता तय हुआ था, जिसे लेकर वह बेहद उत्साहित था। आकाश कश्यप भी अपने घर का बड़ा बेटा था और सिडकुल में मेहनत कर अपने माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा बन रहा था।
क्षतिग्रस्त स्कूटी और स्कॉर्पियो को कब्जे में ले लिया
थाना पंतनगर के प्रभारी नंदन सिंह रावत ने बताया कि पुलिस ने क्षतिग्रस्त स्कूटी और स्कॉर्पियो को कब्जे में ले लिया है। मृतकों के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि आरोपी चालक के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाकर उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों का विलाप देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
