श्रावस्ती में राप्ती बनी काल : दो मासूम बच्चियों की ले ली जान, प्रशासन के प्रति ग्रामीणों में नाराजगी

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Published By Anjali Singh
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श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में राप्ती नदी के तेज कटान और सुरक्षा इंतजामों के अभाव ने मंगलवार को गिलौला ब्लॉक के नारायणपुर गांव में दो मासूम बच्चियों की जान ले ली। सोनवा थाना क्षेत्र के इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है और ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। पुलिस के अनुसार सोनवा थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी गुलसन पुत्री छोटकऊ (14) और अंशु देवी पुत्री धर्मराज (11) मंगलवार दोपहर गांव के पास राप्ती नदी में नहाने गई थीं। 

बताया जा रहा है कि नदी किनारे तेज कटान और फिसलन के कारण दोनों बच्चियां अचानक गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर सुनकर तत्काल बचाव प्रयास शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही सोनवा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष विष्णु देव पाण्डेय ने बताया कि परिजनों की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी। प्रथम दृष्टया दोनों बच्चियों की मौत नदी में डूबने से हुई है। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि राप्ती नदी में पानी कम होने के बावजूद तेज कटान के कारण नदी किनारे की जमीन बेहद खतरनाक हो चुकी है। कई परिवारों का आवागमन नदी के आसपास के रास्तों से होता है, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। 

गांव वालों का आरोप है कि लंबे समय से नदी किनारे सुरक्षा बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षित रास्ते की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया। घटना के बाद मृतक बच्चियों के परिवारों में कोहराम मच गया। मां-बाप बेसुध हैं और पूरे गांव में शोक का माहौल है। 

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मृतक परिवारों को आर्थिक सहायता देने, नदी किनारे सुरक्षा प्रबंध बढ़ाने और आवागमन के लिए पुल या सुरक्षित मार्ग बनवाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नदी किनारे सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो शायद दो मासूम जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। राप्ती नदी में लगातार हो रहे कटान और बढ़ते हादसों ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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