Bareilly : नरियावल में भूसे की तरह कराई गायों की शिफ्टिंग, एक की मौत
प्रधान व सचिव ने मिनी ट्रक में भरवा दिए थे क्षमता से कहीं ज्यादा गौवंश, गौरक्षकों ने गाड़ी घेरकर किया हंगामा
बिथरी चैनपुर, अमृत विचार। महानगर से सटी नरियावल ग्राम पंचायत से गौवंश को गौशाला भेजे जाने के दौरान ऐसी अमानवीय तस्वीरें सामने आईं कि गौरक्षक गुस्से में लाल-पीले हो उठे। पैसे बचाने को ज्यादा गौवंश भूसे की तरह की एक ही मिनी ट्रक में ठूंस दिए गए। इससे एक गाय की मौत हो गई, जबकि कुछ की हालत बिगड़ गई। गौरक्षकों ने रात के अंधेर में पीछा करके गाड़ी रुकवाई और गौवंश की बुरी हालत देखकर हंगामा किया। हिन्दू संगठनों ने पूरे मामले में में प्रधान, सचिव व बीडीए की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई है।
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के अपने जिले में गौवंश की बेहतर देखभाल की उम्मीद की जाती है मगर नरियावल की कहानी सिस्टम की भूमिका को सवालों के दायरे में लाने वाली है। गौराकों ने बताया कि मिनी ट्रक में जान बूझकर क्षमता से कहीं ज्यादा गौवंश भर दिए गए थे। गौवंश की देखभाल और गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए सरकार भरपूर पैसा पंचायतों को दे रही है, लेकिन नरियावल पंचायत में गायों के साथ अमानवीयता की गई। सूचना मिलते ही कई गौसेवक वाहनों से मौके पर पहुंच गए और पीछा करके गौवंश से लदी गाड़ी को रुकवा लिया। हंगामे की सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी के साथ पुलिस पहुंच गई। गौ रक्षकों ने नाराजगती जताते हुए अपनी निगरानी में गायों को दासपुर गौशाला पहुंचाया और खुद सामने खड़े होकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। देर तक तनावपूर्ण हालात बने रहे। इंस्पेक्टर बिथरी राजेश बाबू मिश्रा ने बताया कि मिनी ट्रक से शिफ्टिंग के दौरान कुछ गायों के घायल होने की सूचना मिली थी। तुरंत पुलिस पहुंच गई। स्थिति नार्मल है। हंगामे जैसी बात सामने नहीं आई।
एक घंटे का रास्ता, दो घंटे में भी पूरा नहीं हुआ
हिन्दूवादी नेता अजय पटेल ने कहा कि पहले गायों को एक ही डीसीएम में लापरवाही से भर दिया। इसके बाद गायें शिफ्ट करवाने जा रहे ग्राम प्रधान और सचिव रास्ता ही भूल गए। एक घंटे का रास्ता दो घंटे में पूरा हुआ। भूसे की तरह डीसीएम में लदीं गायें तड़पती रहीं।
पैसा बचाने के चक्कर में गायों से अमानवीयता
गायों की शिफ्टिंग में लापरवाही का पता होते ही मौके पर पहुंचे हिन्दू जागरण मंच युवा के जिलाध्यक्ष हिमांशु पटेल ने बताया कि डीसीएम में गायों को बहुत बुरी तरह से भर दिया गया था। जब सरकार बजट दे रही है तो पंचायत ने गौवंश ले जाने को पर्याप्त ट्रक गाड़ियां क्यों नहीं किराए पर लीं। लापरवाही से एक की मौत हो गई है, जबकि कई की हालत बिगड़ गई। अपनी मौजूदगी में गायों को दासपुर गोशाला पहुंचाया गया है। ग्राम प्रधान, सचिव और बीडीओ अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
गायों की शिफ्टिंग में लापरवाही के आरोप गलत हैं। शासन के आदेश पर ही सभी गायें स्वस्थ स्थिति में दूसरी गौशाला में शिफ्ट करने के लिए भेजी जा रही थीं। - राजीव कुमार,प्रधान प्रतिनिधि, नरियावल।
शासन से ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर छोटी गौशालाओं से बड़ी गौशाला में गायें शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के अनुपालन में गायें शिफ्ट करवाई जा रही थीं। किस स्तर पर लापरवाही बरती गई, इसकी जांच कराई जाएगी। -बीडीओ, बिथरी चैनपुर।
