आरपीएफ की महिला जवान बनी फरिश्ता: स्टेशन पर जन्मी नवजात, मां-बच्ची दोनों सुरक्षित
कानपुर, अमृत विचार: ट्रेन में अचानक दर्द से तड़पती एक गर्भवती महिला की जान बचाने के लिए कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर तैनात आरपीएफ की दो महिला कांस्टेबलों ने सराहनीय कार्य किया। उन्होंने तुरंत कार्रवाई कर मां और नवजात बच्ची दोनों की जान बचाई।
दिल्ली के आनंद विहार से भागलपुर जा रही विक्रमशिला एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12368) में एक गर्भवती महिला को अचानक लेबर पेन शुरू हो गया। यात्रियों ने टीटीई को सूचना दी, जिसके बाद स्टेशन अधिकारियों और आरपीएफ को तुरंत जानकारी पहुंचाई गई।
आरपीएफ की “मेरी सहेली” टीम की कांस्टेबल रश्मि सचान और विनीता ने तुरंत गाड़ी से महिला को नीचे उतारा। उस समय महिला बहुत तेज दर्द में थी। मौके पर पहुंचे मधुराज हॉस्पिटल के डॉक्टर विवेक ने महिला की जांच की और उन्हें स्ट्रेचर पर लिटाकर प्लेटफॉर्म पर स्थित अस्पताल ले गए।
वहीं, दर्द इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों ने उसी समय स्टेशन पर ही डिलीवरी कर दी। महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। जच्चा और बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
आरपीएफ कंपनी कमांडर एस.एन. पाटीदार ने बताया कि महिला का नाम सीता देवी है, जो बिहार के नालंदा जिले की रहने वाली हैं। उनके परिजन भी उनके साथ यात्रा कर रहे थे। बाद में मां और बच्ची को उर्सला अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया।
आरपीएफ की इन दो महिला कर्मियों की तत्परता और संवेदनशीलता की हर तरफ सराहना हो रही है।
