Birthday Special: बाबूराव आज मना रहे अपना जन्मदिन, विलेन से लेकर कॉमेडी किंग बनने तक परेश रावल का सफर 

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

मुंबई। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता परेश रावल आज 71 वर्ष के हो गए। परेश रावल का जन्म 30 मई, 1955 को मुंबई में एक गुजराती ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम दह्यालाल रावल था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा महाराष्ट्र एसएससी बोर्ड से पूरी की और इसके बाद स्नातक की डिग्री प्राप्त की। बचपन से ही उन्हें अभिनय में गहरी रुचि थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक थिएटर ग्रुप ज्वाइन किया और नाटकों में अभिनय करने लगे। 

गुजारे के लिए बैंक में नौकरी

परेश रावल ने एक बार बताया था कि उनके परिवार में पॉकेट मनी की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में गुजारे के लिए वे बैंक में नौकरी करने लगे। उन्होंने बताया था कि उन्हें डेढ़ महीने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी मिली थी, लेकिन उन्होंने तीन दिन बाद ही नौकरी छोड़ दी। उस दौरान उनकी गर्लफ्रेंड स्वरूप संपत उनकी आर्थिक मदद किया करती थीं। स्वरूप संपत अभिनेत्री रह चुकी हैं और उन्होंने मिस इंडिया का खिताब भी जीता था। 

'होली' से फिल्मी करियर की शुरुआत

परेश रावल और स्वरूप संपत ने वर्ष 1987 में विवाह किया। परेश रावल ने वर्ष 1984 में प्रदर्शित फिल्म 'होली' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। अभिनेता आमिर खान ने भी इसी फिल्म से अपने अभिनय करियर का आगाज किया था। 'होली' के बाद परेश रावल को 'हिफाजत', 'दुश्मन का दुश्मन', 'लोरी' और 'भगवान दादा' जैसी फिल्मों में काम करने का अवसर मिला, लेकिन इन फिल्मों से उन्हें कोई विशेष सफलता नहीं मिली। वर्ष 1986 में उन्हें राजेंद्र कुमार निर्मित फिल्म 'नाम' में काम करने का अवसर मिला। संजय दत्त और कुमार गौरव अभिनीत इस फिल्म में उन्होंने खलनायक की भूमिका निभाई।

खलनायक के रूप में पहचान

फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और इसके साथ ही उन्होंने एक प्रभावशाली खलनायक के रूप में अपनी पहचान बनाई। 'नाम' की सफलता के बाद उन्हें 'मरते दम तक', 'सोने पे सुहागा', 'खतरों के खिलाड़ी', 'राम लखन', 'कब्जा' और 'इज्जत' जैसी बड़े बजट की फिल्मों में काम करने का मौका मिला। वर्ष 1993 परेश रावल के फिल्मी करियर का महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ। 

इस वर्ष उनकी 'दामिनी' और 'आदमी और मुकाबला' जैसी सफल फिल्में प्रदर्शित हुईं। फिल्म 'सर' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला, जबकि फिल्म 'वो छोकरी' में दमदार अभिनय के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 1994 में प्रदर्शित फिल्म 'सरदार' उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में गिनी जाती है। केतन मेहता निर्देशित इस फिल्म में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को रूपहले पर्दे पर जीवंत कर दिया। इस भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई। 

बाबूराव गणपतराव आप्टे का यादगार किरदार

वर्ष 1998 में प्रदर्शित फिल्म 'तमन्ना' भी उनके करियर की उल्लेखनीय फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसे हिजड़े की भूमिका निभाई, जो समाज के विरोध के बावजूद एक अनाथ लड़की का पालन-पोषण करता है। हालांकि यह फिल्म व्यावसायिक रूप से बहुत सफल नहीं रही, लेकिन उनके भावपूर्ण अभिनय की दर्शकों और समीक्षकों ने समान रूप से सराहना की। वर्ष 2000 में प्रदर्शित प्रियदर्शन निर्देशित फिल्म 'हेरा फेरी' परेश रावल के करियर की सबसे सफल फिल्मों में से एक साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने बाबूराव गणपतराव आप्टे का यादगार किरदार निभाया। 

अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी के साथ उनकी तिकड़ी ने दर्शकों को हंसाते-हंसाते लोटपोट कर दिया। फिल्म की अपार सफलता के बाद वर्ष 2006 में इसका सीक्वल 'फिर हेरा फेरी' बनाया गया। इस फिल्म के बाद उन्हें महसूस हुआ कि हास्य अभिनेता के रूप में उनके लिए संभावनाएं अधिक हैं।इसके बाद उन्होंने 'आवारा पागल दीवाना', 'हंगामा', 'फंटूश', 'गरम मसाला', 'दीवाने हुए पागल', 'मालामाल वीकली', 'भागमभाग', 'वेलकम' और 'अतिथि तुम कब जाओगे' जैसी फिल्मों में अपनी हास्य प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। 

परेश रावल को अब तक तीन फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें फिल्म 'सर' के लिए सर्वश्रेष्ठ खलनायक तथा 'हेरा फेरी' और 'आवारा पागल दीवाना' के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा फिल्म 'राजा' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का स्टार स्क्रीन पुरस्कार भी मिला।फिल्मों में अभिनय के अलावा परेश रावल ने 'तीन बहुरानियां' और 'लागी तुझसे लगन' जैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों का निर्माण भी किया है। 

भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2014 में पद्मश्री से सम्मानित किया। इसी वर्ष उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर अहमदाबाद पूर्व लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई। फिल्म इंडस्ट्री में चार दशक से अधिक समय बिता चुके परेश रावल 250 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। आज भी वे भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और बहुमुखी कलाकारों में शुमार किए जाते हैं। उनकी आगामी फिल्मों में 'वेलकम टू द जंगल' प्रमुख है। 

ये भी पढ़ें  : 
इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर सीरीज 'राख' का एलान, प्राइम वीडियो पर इस दिन दुनियाभर में प्रीमियर

संबंधित समाचार