नोएडा श्रमिक आंदोलन: सरकार ने अपनाई 'राहत और सख्ती' की दोतरफा रणनीति, वेतन बढ़ोतरी के साथ उपद्रवियों पर NSA तक की तैयारी
लखनऊ, अमृत विचार: नोएडा में श्रमिक आंदोलन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक साथ “राहत और सख्ती” की रणनीति अपनाई है। एक ओर न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी कर श्रमिकों को राहत दी गई है, वहीं दूसरी ओर हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल उपद्रवियों पर कड़ा एक्शन लेने की तैयारी शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी जहां श्रमिकों से संवाद कर उन्हें काम पर लौटने के लिए प्रेरित कर रही है, वहीं गृह विभाग और पुलिस प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटा है। डीजीपी राजीव कृष्ण और नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने संकेत दिए हैं कि हिंसा में शामिल “हार्डकोर उपद्रवियों” पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून तक लगाया जा सकता है। प्रभावित इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और आगजनी व पुलिस पर हमले के सबूत जुटाए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद डीजीपी के साथ हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
सरकार ने गौतमबुद्ध नगर-गाजियाबाद में न्यूनतम मजदूरी में ₹3000 तक की बढ़ोतरी की है। इसके तहत अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11,313 से बढ़ाकर ₹13,690, अर्धकुशल का ₹15,059 और कुशल श्रमिकों का ₹16,868 कर दिया गया है। जिलाधिकारी मेधा रूपम के अनुसार, अब श्रमिकों को ओवरटाइम का दोगुना भुगतान मिलेगा, साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित होगा और हर महीने की 10 तारीख तक वेतन सीधे बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
कंपनियों में श्रम कानूनों का सख्ती से पालन होगा
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनी हाई लेवल कमेटी ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर में श्रमिकों से बात की है। बैठक में अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई), प्रमुख सचिव (श्रम), श्रम आयुक्त, मंडलायुक्त मेरठ, जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर और पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में श्रमिकों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। उन्होंने वेतन बढ़ाने, साप्ताहिक छुट्टी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, श्रमिकों की सुरक्षा और बेहतर कामकाजी माहौल जैसी मांगें रखीं। कमेटी ने श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और सभी कंपनियों में श्रम कानूनों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
एसटीएफ करेगी डिजिटल ट्रेल की जांच
नोएडा में श्रमिकों से जुड़े मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के बीच बड़ा खुलासा हुआ है। यूपी पुलिस ने 50 से अधिक ऐसे बॉट हैंडल चिन्हित किए हैं, जिन्हें पिछले 24 घंटों के भीतर बनाया गया। जिनका इस्तेमाल भ्रामक नैरेटिव गढ़ने के लिए किया जा रहा था।पुलिस के मुताबिक, ये सभी हैंडल संगठित तरीके से श्रमिकों से जुड़े मुद्दे पर अफवाह फैलाने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में यह मामला एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि चिन्हित किए गए सभी हैंडल्स के डिजिटल ट्रेल की डिटेल जांच यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा की जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि इन हैंडल्स को किसने और किस उद्देश्य से संचालित किया।अफवाह और दुष्प्रचार फैलाने वाले ऐसे सभी सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।
