गर्मियों में बिना वजह थकान, कमजोरी और सुस्ती? जानिए समर फटीग के लक्षण, कारण और बचाव के आसान उपाय

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

लखनऊ, अमृत विचारः गर्मियों का मौसम अपने साथ सिर्फ तेज धूप और पसीना ही नहीं लाता, बल्कि शरीर और मन दोनों पर अतिरिक्त दबाव भी डालता है। यही वजह है कि इस मौसम में कई लोग बिना ज्यादा शारीरिक मेहनत किए भी थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस करने लगते हैं। सुबह उठने के बाद भी शरीर में ताजगी होना, बार-बार प्यास लगना, सिर भारी रहना और काम में मन लगना जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। अधिकतर लोग इसे सामान्य गर्मी का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार यहसमर फटीगयानी गर्मियों में होने वाली थकावट का संकेत होता है। सही समय पर इसके लक्षणों को पहचानकर खानपान और दिनचर्या में बदलाव किए जाएं, तो इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है।

क्या है समर फटीग

समर फटीग एक ऐसी स्थिति है, जिसमें तेज गर्मी, डिहाइड्रेशन और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण व्यक्ति लगातार थकान और कमजोरी महसूस करता है। गर्म मौसम में शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखने के लिए अधिक ऊर्जा खर्च होती है। ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में पानी, सोडियम, पोटैशियम और अन्य जरूरी मिनरल्स की कमी होने लगती है। यही वजह है कि शरीर जल्दी थक जाता है और व्यक्ति सुस्त महसूस करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि लंबे समय तक शरीर को पर्याप्त पानी और पोषण मिले, तो समर फटीग धीरे-धीरे हीट एक्सॉशन जैसी गंभीर समस्या का रूप भी ले सकती है।

MUSKAN DIXIT (34)

 किन लोगों को ज्यादा खतरा

समर फटीग किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है-

 बुजुर्ग और छोटे बच्चे

लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोग

ज्यादा यात्रा करने वाले

कम पानी पीने की आदत वाले लोग

डायबिटीज या ब्लड प्रेशर के मरीज

अत्यधिक कैफीन या जंक फूड लेने वाले लोग

क्यों बढ़ती है यह समस्या

पानी की कमी- गर्मी में शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है। पर्याप्त पानी पीने पर शरीर डिहाइड्रेट होने लगता है, जिससे कमजोरी और थकान बढ़ती है।

अनियमित खानपान- बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड शरीर को भारी बना देता है। इससे पाचन प्रक्रिया धीमी होती है और शरीर सुस्त महसूस करता है।

नींद पूरी होना- गर्म मौसम में कई लोगों की नींद प्रभावित होती है। पर्याप्त नींद मिलने से शरीर को आराम नहीं मिल पाता और थकान बनी रहती है।

ज्यादा कैफीन और शुगर- चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकता है। शुरुआत में ये चीजें ऊर्जा देती हैं, लेकिन बाद में थकान और बढ़ जाती है।

लगातार एसी और धूप के बीच रहना  बार-बार ठंडी और गर्म जगहों के बीच आने-जाने से शरीर को तापमान के अनुसार खुद को ढालने में परेशानी होती है, जिससे थकावट महसूस हो सकती है।

MUSKAN DIXIT (36)

 इन लक्षणों से करें पहचान

 हर समय थकान महसूस होना- अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो रही है और थोड़े से काम में भी थकावट लग रही है, तो यह समर फटीग का संकेत हो सकता है।

चक्कर और कमजोरी- गर्मी में अधिक पसीना निकलने के कारण शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। इससे ब्लड प्रेशर कम हो सकता है और व्यक्ति को चक्कर या कमजोरी महसूस होने लगती है।

सिरदर्द और चिड़चिड़ापन- तेज धूप और शरीर में पानी की कमी का असर मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। लगातार सिर भारी रहना, गुस्सा आना या बेचैनी महसूस होना भी समर फटीग के लक्षण हो सकते हैं।

ज्यादा प्यास लगना- अगर बार-बार गला सूख रहा है और पानी पीने के बाद भी राहत नहीं मिल रही, तो यह शरीर में डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है।

काम में मन लगना- समर फटीग के दौरान व्यक्ति सुस्ती महसूस करता है। ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है और किसी भी काम में रुचि कम होने लगती है।

मांसपेशियों में दर्द- शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने पर हाथ-पैरों में दर्द, ऐंठन या भारीपन महसूस हो सकता है।

ज्यादा पसीना या बिल्कुल पसीना आना कुछ लोगों को अत्यधिक पसीना आता है, जबकि गंभीर स्थिति में शरीर पसीना बनाना भी कम कर देता है। यह शरीर के तापमान नियंत्रण में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

MUSKAN DIXIT (37)

समर फटीग से बचने के उपाय

भरपूर पानी पिएं

गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। केवल सादा पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, बेल का शरबत और ताजे फलों का रस भी फायदेमंद होता है।

इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करें

पसीने के साथ शरीर से जरूरी मिनरल्स निकल जाते हैं। ऐसे में ओआरएस, फल और पानी से भरपूर चीजें लेने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। तरबूज, खीरा, खरबूजा और संतरा जैसे फल गर्मियों में विशेष रूप से लाभकारी होते हैं।

धूप से बचाव 

दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है। इस दौरान बाहर निकलने से बचें। बाहर जाते समय छाता, टोपी, सनग्लास और सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें।

पर्याप्त नींद लें

रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद शरीर को ऊर्जा देने में मदद करती है। रात में देर तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें।

हल्का व्यायाम करें

गर्मी में भारी वर्कआउट की बजाय सुबह या शाम के समय हल्की एक्सरसाइज, योग और प्राणायाम करना बेहतर रहता है। इससे शरीर सक्रिय रहता है और थकान कम होती है।

कैफीन और जंक फूड करें कम

बहुत ज्यादा चाय, कॉफी, तला-भुना खाना और मीठे पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं। इनका सेवन सीमित मात्रा में करें।

कब डॉक्टर से करें संपर्क

अगर लगातार कमजोरी, तेज चक्कर, उल्टी, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक प्यास या बेहोशी जैसी स्थिति महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ये हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं।

मौसम के अनुसार बदलें दिनचर्या

गर्मी के मौसम में शरीर की जरूरतें बदल जाती हैं। इसलिए खानपान, पानी पीने की आदत और रोजमर्रा की गतिविधियों में भी बदलाव जरूरी है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर समर फटीग से बचा जा सकता है और पूरे मौसम में शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान रखा जा सकता है।

हल्का और हेल्दी भोजन 

गर्मियों में हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन करना बेहतर होता है। दाल, हरी सब्जियां, सलाद, दही और मौसमी फल शरीर को ठंडक और पोषण देते हैं।

 

संबंधित समाचार