Bareilly : पंचमुखी मंदिर की भव्यता का प्लान, मेयर डॉ. गौतम ने संभाली कमान

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
On

महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज से मेयर ने की वार्ता

बरेली, अमृत विचार। धर्मकांटा-कोहाड़ापीर मार्ग के चौड़ीकरण की गति बढ़ाने को मेयर डॉ. उमेश गौतम ने मोर्चा संभाल लिया है। राह में बाधा बन रहे प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर का अग्रभाग सेवादार खुद ही हटवा चुके हैं। अब मंदिर में स्थापित 8 कुतल वजन की हनुमान प्रतिमा की सुरक्षित शिफ्टिंग को लेकर मेयर ने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज से फोन पर लंबी वार्ता की है। बताया गया है कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक गरिमा के साथ मूर्ति विस्थापन विकास और आस्था के बीच समन्वय की नई मिसाल बनेगा।

सूद धर्मकांटा चौराहे स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर निरंजनी अखाड़े की देखरेख में है। पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद जब भी यहां प्रवास करते हैं तो उनका आर्शीवाद लेने को भक्तों की भीड़ उमड़ती है। सीएम ग्रिड योजना में सड़क चौड़ीकरण के बीच मंदिर के आगे का हिस्सा बाधा बन रहा था। निगम ने इसे लेकर 22 फरवरी को नोटिस जारी कर एक मीटर तक निर्माण खुद हटाने की सीमा तय की थी। ऐसा न होने पर हर्जाना वसूलने की बात भी नोटिस में कही गई थी।

मामले की गंभीरता को भांपकर मेयर ने पहले मौका मुआयना किया और फिर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद से फोन पर वार्ता पूरी स्थिति से अवगत कराया। उनकी सहमति मिलने से निगम की सभी चिंताएं दूर हो गईं। सेवादारों ने इसके बाद रात-रात भर मजदूर जुटाकर मंदिर का अग्रभाग तुड़वा दिया है। अब भारी-भरकम प्रतिमा को पीछे हटाया जाना है तो उसके लिए मेयर डॉ. गौतम इस कार्य में हरसंभव सहयोग की बात कह रहे हैं।

सेवादार का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद प्राचीन मंदिर और भी भव्य दिखाई दे, इसके लिए योजना बनाई जा रही है। श्रृद्धालुओं की सुगमता को ध्यान में रखकर मंदिर के आसपास सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए लगातार मॉनीटरिंग की बात भी कही जा रही है। महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद से मेयर डॉ. गौतम की वार्ता के बाद मंदिर नई शिल्प के साथ मंदिर की भव्यता बढ़ाने की कवायद शुरू हो चुकी है। मेयर ने अमृ़त विचार से बातचीत में कहा कि चौड़ीकरण के साथ मंदिर कोहाड़ापीर मार्ग मुख्य आकर्षण केंद्र बनेगा। इसके लिए विशेष लाइट और नक्काशीदार पत्थरों का उपयोग करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि यहां प्राचीनता और आधुनिकता का मेल दिखे।

पंचमुखी हनुमान मंदिर के विषय में मैंने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज जी से फोन पर विस्तार से वार्ता की। उन्होंने बड़े ही उदार मन और सहज भाव से अपना आर्शिवाद और सहमति प्रदान की। हमारा पूरा प्रयास है आस्था और विकास का अद्भुत समन्वय दिखे। मैं स्वयं इस कार्य की पल-पल निगरानी कर रहा हूं ताकि बजरंग बली की आठ कुंतल वजनी प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित रहे। चौड़ीकरण के उपरांत हम इस मंदिर को एक नए और अत्यंत भव्य स्वरूप में पुनर्जीवित करेंगे। -डा. उमेश गौतम, मेयर।

संबंधित समाचार