UP News: नोएडा में मजदूर-कर्मचारियों के उग्र प्रदर्शन के बाद यूपी में वेज बोर्ड गठित करने की तैयारी
महंगाई के दौर में मेहनतकशों का न्यूनतम पारिश्रिमक नए सिर से निर्धारित करने के शुरू हुए प्रयास
लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिक, कर्मचारियों के उग्र आंदोलन के बाद, इन मेहनतकशों के वेतन पर बहस छिड़ गई है। योगी सरकार के निर्देश पर गठित एक उच्च स्तरीय कमेटी की सिफारिश पर फौरीतौर पर कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया गया है। इतना ही नहीं यूपी में 12 साल बाद एक बार फिर न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए वेज बोर्ड के गठन की कोशिशें तेज हो गई हैं।
यूपी में वर्ष 2014 में वेज बोर्ड की सिफारिश पर कर्मचारी और श्रमिकों का वेतन बढ़ाया गया था। तब से बोर्ड गठित नहीं हुआ। प्राइवेट फैक्ट्री-कंपनीज में काम करने वाले कर्मचारी और श्रमिकों का सब्र जवाब दे गया। शायद इसलिए भी क्योंकि पश्चिम एशिया संघर्ष से गैस संकट खड़ा हुआ है। न्यूनतम वेतन पर काम करने वालों का गुजर-बसर मुश्किल हो गया। गैस से लेकर खाने-पीने और निजी परिवहन तक सब पर महंगाई ने श्रमिकों पर सड़कों पर उतार दिया।
नोएडा में सोमवार को श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। आगजनी तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालांकि पुलिस-प्रशासन ने अतिरिक्त फोर्स लगाकर और तत्काल पारश्रिमिक बढ़ोत्तरी करके हालात को कंट्रोल कर लिया।
मंगलवार छिटपुट विरोध के बाद अब बुधवार को सेक्टर-63 में कुछ श्रमिक धरने पर बैठ गए। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात हैं। उग्र आंदोलन या उसे भड़काने वालों की गिरफ्तार किया गया है। गौतमबुद्धनगर की डीएम ने कर्मचारी और श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल तैनात हैं। शांति व्यवस्था कायम है। अगर किसी भी आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मचारी प्रोटेस्ट में शामिल हुए तो संस्था का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाएगा।
नोएडा में औद्योगिक कामकाज ढर्रे पर लाने के साथ कर्मचारियों को मनाने के प्रयास जारी हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने काम पर भी लौट चुके हैं। अब प्रशासन और सरकार कर्मचारियों के न्यूनतम पारिश्रमिक बढ़ोत्तरी के लिए वेज बोर्ड गठित करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि अगले महीने मई तक बोर्ड गठित हो जाएगा।
