सीतापुर में डीजल की कमी : कृषि कार्य प्रभावित, थ्रेसर और ट्रैक्टर लेकर भटक रहे किसान

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Published By Anjali Singh
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सीतापुर। उत्तर प्रदेश में सीतापुर जिला में गन्ने की बुवाई एवं गेहूं की फसल कट जाने के बाद फिर थ्रेसर से मड़ई के लिए डीजल की कमी किसानो की परेशानी को और बढ़ा रही है। कई तहसीलों के किसान जिला पूर्ति अधिकारी से डीजल की कमी की परेशानी को बताने के लिए पहुंचे। जिले के लगभग 10 लाख किसान साढे 5 लाख हेक्टेयर जमीन पर खेती करते हैं, एवं तहसील महमूदाबाद, सिधौली, महोली, मिश्रित ,लहरपुर आदि में कृषक बहुत जोरों से गेहूं की मेडीई एवं गन्ने की बुवाई कर रहे हैं। 

इसमें मिठाई करने वाले थ्रेसर में डीजल एवं गाने की बुवाई में आवश्यकता बहुत ज्यादा पड़ जाती है और पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी देखी जा रही है। डीजल की समस्या के चलते मलाई और गन्ने की बुवाई दोनों में समस्या आ रही है। जिला पूर्ति अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव ने शुक्रवार दोपहर बताया कि जिले में कुछ हिस्सों में डीजल को लेकर दिक्कत है।

इस समस्या के समाधान के लिए सीतापुर के जिलाधिकारी डॉक्टर राजा गणपति आर ने प्रमुख सचिव से इस संबंध में आग्रह किया है। पेट्रोल कंपनियों की ओर से डीजल भेजा जा रहा है. एक-दो दिन में सभी पेट्रोल पंपों पर डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू हो जाएगी। जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव से इस संबंध में बात की है। 

ज्ञातव्य है कि जिले में 245 पेट्रोल पंप है .जिनको प्रतिदिन 6000 लीटर डीजल की जरूर सामान्य दिनों में रहती है. इन दोनों डीजल की मांग गेहूं की मलाई एवं गाने की बुवाई के लिए मांग बढ़कर 15000 लीटर से ज्यादा हो गई है. सदर तहसील के अलावा लहरपुर, बिसवन, महमूदाबाद, महोली ,मिश्रिख आदि में क्षेत्र में डीजल की खपत किसानों के कार्य के कारण ज्यादा बढ़ गई है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने किसानों को आश्वस्त कराया की डीजल की कमी पूरे जिले में नहीं होने दी जाएगी एवं कृषकों के कार्यों को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा. जिससे कि गेहूं की मलाई एवं गाने की बुवाई एवं अन्य कृषि कार्य के लिए कोई भी समस्या पैदा हो।

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