Bareilly : ड्यूटी कटवाने के लिए पैरवी पड़ेगी भारी, करानी होगी स्वास्थ्य जांच
मकानों की गणना में करीब 13 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है
बरेली, अमृत विचार। एसआईआर की ड्यूटी समाप्त होने के बाद शिक्षकों और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को लगा कि कुछ दिन राहत मिल जाएगी लेकिन उन्हें अब जनगणना करनी होगी। पहले चरण में मकानों की गणना के लिए 13 हजार शिक्षक-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बड़ी संख्या में कर्मचारी ड्यूटी से बचने के लिए सिफारिश करा रहे हैं लेकिन उन्हें झटका लगा है। मेडिकल ग्राउंड पर ड्यूटी कटवाने वालों को मेडिकल बोर्ड की जांच से गुजरना होगा।
जिले में मकानों का सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 22 मई से 20 जून तक किया जाना है। इसके लिए कर्मचारियों को 20 अप्रैल से प्रशिक्षण दिया जाएगा। तैयारी शुरू कर दी गयी है, लेकिन इस ड्यूटी को लेकर शिक्षक और कर्मचारी बेचैन हैं। उन्होंने विभिन्न कारणाें को गिनाते हुए ड्यूटी कटवाने की सिफारिशें लगवाना शुरू कर दी हैं। कई प्रार्थना पत्र एडीएम एफआर, नगर मजिस्ट्रेट, तहसीलदार सहित कई अन्य अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं।
सीएमओ की अध्यक्षता वाला मेडिकल बोर्ड तय करेगा कि ड्यूटी कटेगा या नहीं
जनगणना अधिकारी एवं एडीएम एफआर संतोष कुमार सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र जारी कर कहा है कि जनगणना के अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य के सफल संचालन के लिए बड़ी संख्या में कार्मिकों की आवश्यकता है। ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के आधार पर ड्यूटी कटवाने आ रहे कार्मिकों का मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य परीक्षण होना जरूरी है। जांच के आधार पर ही असमर्थ,असहाय कार्मिकों की ड्यूटी काटने पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएमओ की अध्यक्षता में गठित मेडिकल बोर्ड के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण कराई जाएगी। उसके बाद संबंधित कार्मिक के जनगणना कार्य में असमर्थ होने की टिप्पणी के साथ प्रार्थना पत्र जिला जनगणना अधिकारी के कार्यालय को भेजें, जिससे कार्मिकों के बारे में विचार किया जा सके।
