2200 करोड़ रुपये के मेगा प्रोजेक्ट से गाजियाबाद बनेगा इंटीग्रेटेड अर्बन हब, पश्चिमी यूपी को पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की सौगात

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Published By Muskan Dixit
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विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम के चारो तरफ बसेगी एरोसिटी, बढ़ेगा पर्यटन व रोजगार

अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर बनेगा प्रमुख आकर्षण,आधुनिक शॉपिंग मॉल, रिटेल जोन, हाईटेक बिजनेस हब और बनेंगे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स

लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश के प्रवेश द्वार गाजियाबाद को खेल, पर्यटन, व्यापार और आधुनिक शहरी विकास के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। करीब 2200 करोड़ रुपये की इस मेगा परियोजना में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एरोसिटी टाउनशिप, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, होटल, रिटेल जोन और कन्वेंशन सेंटर शामिल होंगे।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के मुताबिक यह योजना राजनगर एक्सटेंशन के मोर्टी क्षेत्र में विकसित होगी। इसके तहत लगभग 37 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और आसपास 380 एकड़ में एरोसिटी टाउनशिप बसाई जाएगी, जिससे पूरे इलाके को एक एकीकृत शहरी हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

स्टेडियम में 30,000 से अधिक दर्शकों की क्षमता, आधुनिक मीडिया सेंटर और हाईटेक लाइटिंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी का अवसर मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना गाजियाबाद के लिए केवल एक स्टेडियम नहीं, बल्कि नए अर्बन मॉडल की शुरुआत मानी जा रही है। एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, व्यापारिक सुविधाओं और आवासीय विकास के साथ यह क्षेत्र आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर का निवेश गंतव्य बन सकता है।

एरोसिटी का खाका

स्टेडियम के चारों ओर बनने वाली एरोसिटी इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण होगी। इसमें होटल, लक्जरी रिजॉर्ट, आधुनिक शॉपिंग मॉल, रिटेल जोन, हाई-टेक बिजनेस हब, ऑफिस स्पेस, एंटरटेनमेंट सेंटर और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। योजना में स्पोर्ट्स एकेडमी, स्मार्ट रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स और ग्रीन स्पेस भी शामिल होंगे, ताकि यह क्षेत्र केवल खेल परिसर न रहकर रहने, काम करने और मनोरंजन का संपूर्ण डेस्टिनेशन बन सके।

2014-15 में तैयार हुई थी परियोजना

यह योजना पहली बार 2014-15 में तैयार हुई थी, लेकिन लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सकी। अब गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और यूपी क्रिकेट एसोसिएशन के संयुक्त उपक्रम मॉडल पर इसे तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब शिलान्यास की औपचारिकता जल्द पूरी हो सकती है।

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