मिनाब के 168 शहीद बच्चों की निशानियां लेकर इस्लामाबाद पहुंचा ईरान! विमान की सीटों पर रखे खून से सने बैग और जूते, दुनिया हैरान
इस्लामाबाद। अमेरिका के साथ शांति वार्ता में शामिल होने के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने एक भावुक और सशक्त प्रतीकात्मक कदम उठाया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शनिवार सुबह पाकिस्तान की राजधानी पहुंचा। उनके विमान की सीटों पर इजरायल-अमेरिका के हमले में मारे गए मिनाब स्कूल के 168 मासूम बच्चों की तस्वीरें, उनके खून से सने स्कूल बैग, जूते और सफेद फूल सजाए गए थे। इस अनोखे तरीके से ईरान ने शांति वार्ता से पहले मिनाब त्रासदी की याद दिलाई और मासूमों की आवाज को मजबूती से उठाया।
गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विमान के अंदर की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि “मेरे इस उड़ान के साथी” (#Minab168)। तस्वीर में खाली सीटों पर बच्चों की तस्वीरें, बैग और जूते रखे दिख रहे हैं, जो दिल दहला देने वाला दृश्य पेश कर रहे हैं।
https://twitter.com/mb_ghalibaf/status/2042713505238077480?s=20
मिनाब त्रासदी क्या थी?
28 फरवरी 2026 को ईरान के मिनाब स्थित शजारेह तैयेबा प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले में 168 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर 7 से 12 साल की स्कूली बच्चियां शामिल थीं। ईरान इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराता है। इस घटना को ईरान की हालिया संघर्ष की सबसे बड़ी नागरिक क्षति माना जा रहा है।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल को ही ‘मिनाब 168’ नाम दिया गया है। गालिबाफ का यह कदम स्पष्ट संदेश दे रहा है कि शांति की बातचीत में मिनाब के शहीद बच्चों को भुलाया नहीं जा सकता।
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अमेरिका और ईरान के बीच उच्च-स्तरीय शांति वार्ता
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुए 40 दिन बाद इस्लामाबाद में पहली उच्च-स्तरीय शांति वार्ता हो रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी टीम पाकिस्तान पहुंच चुकी है। ईरानी पक्ष की ओर से गालिबाफ के अलावा विदेश मंत्री अब्बास अरागची समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।
ईरान ने वार्ता के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें दक्षिणी लेबनान में इजरायल द्वारा हमले रोकना और ईरान की ब्लॉक संपत्तियों को रिहा करना प्रमुख है।
पाकिस्तान ने दोनों पक्षों का स्वागत किया है और वार्ता की मेजबानी कर रहा है। गालिबाफ और उनके साथी अधिकारियों का स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री, नेशनल असेंबली स्पीकर, आर्मी चीफ और अन्य उच्च अधिकारियों ने किया।
