महिला आरक्षण बिल गिरने से विपक्ष पर भड़कीं राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव: सपा-कांग्रेस का झंडा जलाया, बोलीं- देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी!

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊः लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिल के गिरने और परिसीमन बिल पास न होने के बाद बीजेपी ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष, सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की बहू और बीजेपी नेता अपर्णा यादव ने लखनऊ विधानसभा के बाहर तीखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का झंडा जलाकर अपनी नाराजगी जताई और विपक्ष को महिलाओं के अधिकारों का दुश्मन बताया।

अपर्णा यादव का तीखा हमला

अपर्णा यादव ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज इस अंधेरी रात में मैं इन दुर्योधन और दुश्शासन रूपी राजनैतिक पार्टियों का झंडा जला कर सम्पूर्ण भारतीय नारी शक्ति की अस्मिता की ज्योति जलाने आई हूँ।” 

उन्होंने आगे कहा कि एक नारी होकर अगर वह चुप रह जाती तो उनकी अंतरात्मा उन्हें कभी माफ नहीं करती। अपर्णा यादव ने विपक्ष को ‘विधर्मी’ और ‘कलयुगी दुश्शासन’ करार देते हुए चेतावनी दी कि भारतीय महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने की कीमत इन पार्टियों को अपने पूर्ण नाश से चुकानी पड़ेगी। 

उनका कहना था, “जिस देश के बेटे कारगिल की बर्फीली चोटियों पर दुर्गा माता की जय बोलकर मौत से लड़ जाते हैं, वो देश इन महिला विरोधी ताकतों का सर कुचल कर रहेगा।” उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि यह ‘काली रात’ है, लेकिन सूरज उगेगा और फिर कमल खिलेगा।

विपक्ष पर गंभीर आरोप

अपर्णा यादव ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब महिला आरक्षण का प्रयास विफल किया गया। इससे पहले 1996, 1998 और 2003 में भी ऐसा हुआ था। अब 2026 में फिर वही स्थिति दोहराई गई। उनका कहना था कि विपक्ष महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता, खासकर साधारण परिवारों की महिलाओं को। वे केवल अपने परिवार की महिलाओं को ही राजनीति में जगह देना चाहते हैं।

उन्होंने विपक्ष की सोच को महाभारत के दुर्योधन-दुश्शासन से जोड़ते हुए कहा कि यह महिलाओं के सम्मान पर सीधा हमला है। देश की महिलाएं इस रवैये को कभी माफ नहीं करेंगी और समाज के लिए यह सोच बेहद खतरनाक है।

बिल क्यों गिरा?

बताया जा रहा है कि 131वें संविधान संशोधन बिल को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन यह 54 वोटों से कम पड़ गया। सदन में कुल 528 वोट पड़े, जबकि बिल के पक्ष में सिर्फ 298 वोट ही आए।

यह प्रदर्शन बीजेपी द्वारा पूरे देश में शुरू किए गए विरोध का हिस्सा है। अपर्णा यादव के नेतृत्व में देर रात लखनऊ में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा का मुद्दा प्रमुख रहा।

अपर्णा यादव का यह सख्त रुख महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर बीजेपी की आक्रामक रणनीति को दर्शाता है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक गर्माहट कितनी बढ़ती है।

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