अपर्णा यादव ने फूंका सपा का झंडा, पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप बोले- 'जिसने पहचान दी उसे जलाना शर्मनाक'

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Published By Anjali Singh
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बाराबंकी, अमृत विचार। संसद में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) गिरने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। लखनऊ में भाजपा नेता और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव द्वारा समाजवादी पार्टी का झंडा और अखिलेश यादव की तस्वीर जलाने के विरोध में बाराबंकी में सपा के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गोप ने इसे लोकतंत्र का अपमान और भाजपा की सोची-समझी साजिश करार दिया है।

पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने शनिवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव हमेशा से महिलाओं को अधिकार देने के पक्ष में रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार को पहले से पता था कि उनके पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, फिर भी उन्होंने दिखावे के लिए बिल पेश किया। जैसे ही बिल गिरा भाजपा नेता तख्ती-बैनर लेकर बाहर आ गए, जिससे साफ है कि यह सब पहले से तय था। गोप ने तंज कसते हुए कहा कि जनता जागरूक है और भाजपा का यह 'महिला विरोधी' चेहरा उसे आने वाले समय में भारी पड़ेगा।

अपर्णा यादव द्वारा सपा का झंडा और अखिलेश यादव की फोटो जलाने पर गोप ने कड़े लहजे में कहा कि विरोध करना सबका अधिकार है, लेकिन लाल झंडा गरीब, किसान और नौजवान के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस झंडे ने आपको पहचान दी उसे जलाना आपके स्तर को दर्शाता है। यह झंडा श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की विरासत है इसका अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गोप ने मांग की है कि झंडा और नेता की फोटो जलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

बता दें कि अपर्णा यादव ने लखनऊ में विधानभवन के सामने सपा और कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए झंडा जलाया था। इसी घटना ने अब बाराबंकी सहित पूरे प्रदेश में राजनैतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। गोप ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी इस कृत्य की घोर निंदा करती है और अपमान करने वालों को जनता सबक सिखाएगी।

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