गन्ना बीज की डिजिटल ट्रैकिंग से किसानों को राहत, मोबाइल ऐप से बीज वितरण में कालाबाजारी पर लगेगी रोक
46 लाख से अधिक गन्ना किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में गन्ना किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराने और उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से योगी सरकार बड़ा डिजिटल कदम उठाने जा रही है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग एक नया मोबाइल ऐप तैयार कर रहा है, जिसके जरिए गन्ना बीज की ट्रैकिंग शोध केंद्र से लेकर किसानों के खेत तक की जा सकेगी।
एडिशनल केन कमिश्नर वीके शुक्ला के अनुसार, यह पहल किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और बीज वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में विभाग ने बीजों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए ‘सीड ट्रेस एंड ट्रैक’ सिस्टम लागू करने की योजना बनाई है। इस मोबाइल ऐप के माध्यम से किसान यह जान सकेंगे कि किस केंद्र पर कौन सा बीज उपलब्ध है और वे सीधे अपनी मांग भी दर्ज कर सकेंगे। ऐप में बीज वितरण की पूरी प्रक्रिया दर्ज होगी, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन सा बीज किस किसान तक पहुंचा है।
यह ऐप उत्तर प्रदेश रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर और गुजरात के भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि इसे पीएम गति शक्ति योजना के तहत विकसित किया जा रहा है, जिससे विभाग पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। वर्तमान में गन्ने का बीज कई चरणों शोध केंद्र, आधार बीज केंद्र, नर्सरी और फिर किसानों तक से होकर गुजरता है, लेकिन ट्रैकिंग की व्यवस्था नहीं होने से पारदर्शिता में कमी रहती थी। नया ऐप इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से जोड़ देगा। प्रदेश में करीब 46.5 लाख गन्ना किसान हैं, जो इस व्यवस्था से सीधे लाभान्वित होंगे।
