बीजेपी के दिग्गज नेता बलबीर पुंज का 76 वर्ष की आयु में निधन, पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने जताया गहरा शोक
नई दिल्ली/लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और दो बार राज्यसभा सांसद रहे बलबीर पुंज का शनिवार शाम को निधन हो गया। वे 76 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
पत्रकारिता से राजनीति की ओर मुड़ने वाले बलबीर पुंज को पार्टी के बौद्धिक चेहरे के रूप में जाना जाता था। युवावस्था से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े पुंज ने 1971 में पत्रकारिता की शुरुआत की थी। मीडिया क्षेत्र में उनका करियर अत्यंत प्रभावशाली रहा और वे दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के दो बार अध्यक्ष भी चुने गए।
राजनीतिक सफर में उन्होंने उत्तर प्रदेश से 2000-2006 तक और ओडिशा से 2008-2014 तक राज्यसभा की सदस्यता संभाली। वे बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के साथ-साथ पार्टी के बौद्धिक प्रकोष्ठ के संयोजक भी रहे। सार्वजनिक नीति निर्माण में उनकी विचारशील भूमिका को विशेष रूप से याद किया जाएगा। पुंज एक कुशल लेखक और स्तंभकार भी थे, जिनके लेख राष्ट्रीय मुद्दों पर गहरी समझ और राष्ट्रहित की प्रतिबद्धता को दर्शाते थे।
उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पीएम मोदी ने लिखा कि बलबीर पुंज एक प्रखर विचारक, लेखक और बुद्धिजीवी थे, जिन्होंने बीजेपी को मजबूत बनाने के लिए अथक प्रयास किए। उनके लेखों में राष्ट्रीय पुनर्निर्माण का गहरा जुनून साफ झलकता था।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुंज को पार्टी संगठन का मजबूत स्तंभ बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महासचिव और विभिन्न राज्यों के प्रभारी के रूप में पुंज जी ने संगठन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दुख की घड़ी में पूरा भाजपा परिवार उनके परिजनों के साथ खड़ा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निधन को राजनीति और पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई प्रमुख नेताओं ने भी शोक संवेदना व्यक्त की है।
बलबीर पुंज का जाना न केवल भाजपा बल्कि राष्ट्रहित की सोच रखने वाले विचारकों और लेखकों के एक पूरे युग का अंत माना जा रहा है। उनके परिवार और शुभचिंतकों को इस भारी क्षति को सहन करने की शक्ति मिले, यही कामना की जा रही है।
