नोएडा हिंसा में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन... पुलिस कमिश्नर का खुलासा, पाकिस्तान से संचालित दो एक्स हैंडलरों पर केस
मामले में 662 गिरफ्तारियां, पुलिस की सख्ती से धीरे-धीरे सुधर रहे हैं हालात
लखनऊ/नोएडा, अमृत विचार: नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा अब बड़े साजिशी एंगल की ओर इशारा कर रही है। जांच में सामने आया है कि इस पूरे बवाल को भड़काने में पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल्स की भूमिका रही है। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए विदेशी कनेक्शन की जांच तेज कर दी है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने खुलासा किया कि पाकिस्तान से संचालित दो एक्स (ट्विटर) हैंडल्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब तक कुल 13 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 662 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए सुनियोजित तरीके से माहौल को भड़काया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अचानक हिंसक हो गया। इसकी चिंगारी तेलंगाना और कर्नाटक से संचालित व्हाट्सऐप ग्रुपों के जरिए फैली। कई संगठनों ने इन ग्रुपों का इस्तेमाल कर श्रमिकों को उकसाने का प्रयास किया। इसके अलावा टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से भी अफवाहें फैलाकर स्थिति को बिगाड़ा गया।
पूरे मामले की जांच कर रही एसटीएफ अब तक 500 से अधिक वीडियो फुटेज खंगाल चुकी है। इन वीडियो के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों और साजिशकर्ताओं की पहचान की जा रही है। डिजिटल ट्रेल से दक्षिण भारत से जुड़े कुछ संदिग्धों के तार भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की गहन जांच जारी है। सोमवार को हुई हिंसा के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली फेज-1, फेज-2, सेक्टर-58, सेक्टर-63 और फेज-3 समेत औद्योगिक क्षेत्रों से सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया। लगातार छापेमारी कर अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और बड़ी संख्या में लोगों से पूछताछ की जा रही है।
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। जिलाधिकारी मेधा रूपम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डेरा डाले हुए हैं और श्रमिकों से सीधे संवाद कर रहे हैं। वेतन वृद्धि और अन्य फैसलों की सही जानकारी देकर अफवाहों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासन मैदान में, शांति बहाली की कवायद
हालात सामान्य करने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है। औद्योगिक क्षेत्रों और श्रमिकों के गांवों में शांति मार्च निकाले जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा सीधे संवाद स्थापित कर भ्रम दूर किया जा रहा है। श्रमिकों को वेतन वृद्धि और सरकारी फैसलों की जानकारी देकर स्थिति को शांत करने का प्रयास जारी है।
‘मजदूर बिगुल’ पर कार्रवाई, कई गिरफ्तार
पुलिस ने मजदूर बिगुल दस्ता संगठन के प्रमुख रूपेश राय समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि संगठन के सदस्य फैक्ट्रियों के आसपास घूमकर श्रमिकों को उकसा रहे थे। इससे पहले भी इस संगठन पर अन्य राज्यों में हिंसा भड़काने के आरोप लग चुके हैं।
सख्ती का असर, पटरी पर लौट रहा उद्योग
पुलिस-प्रशासन की सख्ती के बाद हालात तेजी से सुधर रहे हैं। करीब 80 फीसदी औद्योगिक इकाइयों में कामकाज दोबारा शुरू हो चुका है। सुरक्षा एजेंसियां अभी भी अलर्ट मोड पर हैं और किसी भी नई साजिश या अफवाह को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
