गौतमबुद्धनगर में बड़ी कार्रवाई : नोटिसों का जवाब न देने पर 25 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त

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Edited By Amrit Vichar
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गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और औद्योगिक अनुशासन बनाए रखने के लिए श्रम विभाग ने नोटिसों का जवाब न देने पर 25 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त कर दिये है। यह कार्रवाई जिले में चलाए जा रहे व्यापक निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान का हिस्सा है। 

अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत संविदाकारों की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई संविदाकार श्रम कानूनों का सही तरीके से पालन नहीं कर रहे थे। इनमें श्रमिकों को निर्धारित सुविधाएं न देना, वैधानिक रजिस्टरों का संधारण न करना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पंजीकरण में लापरवाही जैसी गंभीर अनियमितताएं शामिल थीं। 

इन अनियमितताओं को देखते हुए संबंधित संविदाकारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, ताकि वे अपना पक्ष रख सकें। लेकिन 25 संविदाकारों ने न तो नोटिस का जवाब दिया और न ही विभाग के समक्ष उपस्थित हुए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए श्रम विभाग ने उनके लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय लिया। 

अपर श्रमायुक्त ने आगे बताया कि इन सभी संविदाकारों की सूची कर्मचारी राज्य बीमा निगम और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को भी भेज दी गई है। अब ये संस्थाएं अपने-अपने नियमों के तहत जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेंगी। इससे संबंधित संविदाकारों पर अतिरिक्त वित्तीय और कानूनी दायित्व भी आ सकते हैं। 

श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में औद्योगिक शांति बनाए रखने और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी नियोक्ता और संविदाकार श्रम कानूनों का पूरी तरह पालन करें और श्रमिकों को उनके अधिकारों से वंचित न किया जाए। इस कार्रवाई को जिले में श्रमिक हितों की दिशा में एक सख्त और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे अन्य संविदाकारों को भी नियमों के पालन के लिए सख्त संदेश गया है। 

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